कौन हैं माखनलाल सरकार?
माखनलाल सरकार को पश्चिम बंगाल में भाजपा के शुरुआती जमीनी संगठनकर्ताओं में गिना जाता है। वह आजादी के बाद से राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े रहे हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी आंदोलन से जुड़ा रहा नाम
साल 1952 में माखनलाल सरकार को कश्मीर आंदोलन के दौरान गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय वह डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ तिरंगा फहराने के आंदोलन में शामिल थे।
उत्तर बंगाल में BJP संगठन को दी मजबूती
1980 में भाजपा के गठन के बाद माखनलाल सरकार को पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग जिलों का संगठन समन्वयक बनाया गया। उन्होंने एक साल के भीतर लगभग 10 हजार नए सदस्यों को पार्टी से जोड़कर उत्तर बंगाल में भाजपा के विस्तार में बड़ी भूमिका निभाई।
1981 से लगातार सात वर्षों तक उन्होंने जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया, जो उस दौर में बेहद असाधारण माना जाता था।
बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर पहली बार सरकार बनाई है। वहीं ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर सीट से जीत दर्ज की।
शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, धर्मेंद्र प्रधान, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।
“सोनार बांग्ला” की शुरुआत : शुभेंदु अधिकारी | Suvendu Adhikari
शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए इसे “सोनार बांग्ला युग की शुरुआत” बताया। उन्होंने कहा कि यह पश्चिम बंगाल में विकास, शांति और समृद्धि के नए दौर का आरंभ है।






