Home Breaking News खुद को भाग्यशाली समझो कि केरल में हो” — वायरल कुंभ गर्ल...

खुद को भाग्यशाली समझो कि केरल में हो” — वायरल कुंभ गर्ल मोनालिसा केस में HC की टिप्पणी चर्चा में

34
0

मोनालिसा भोसले केस: अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई, हाईकोर्ट की टिप्पणी चर्चा में

प्रयागराज कुंभ मेले से वायरल हुईं मोनालिसा भोसले और उनके पति मोहम्मद फरमान खान के मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं, दोनों की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए केरल हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी की कि “खुद को भाग्यशाली समझें कि आप केरल में हैं,” यह टिप्पणी अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है।

हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

मामले की सुनवाई मंगलवार (2 जून, 2026) को हुई, जिसमें जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं, सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसे बुधवार को सुनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला इंटर-रिलीजन मैरिज, उम्र विवाद और कथित अपहरण के आरोपों से जुड़ा हुआ है, मोनालिसा भोसले, जो 2025 के प्रयागराज कुंभ मेले में मनकों की माला बेचते हुए वायरल हुई थीं, बाद में फरमान खान से शादी के बाद विवादों में आ गईं, मोनालिसा और उनके पति की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एम. ससींद्रन ने कोर्ट में दावा किया कि शादी के समय मोनालिसा बालिग थीं और कुछ पक्ष उनकी उम्र को लेकर गलत दावे कर रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ समूह और प्रशासनिक स्तर पर उनके खिलाफ दबाव बनाया जा रहा है।

Also Read – लंदन में सोनाक्षी सिन्हा का शानदार बर्थडे सेलिब्रेशन, जहीर इकबाल ने रोमांटिक पोस्ट से लुटाया प्यार

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने याचिका का विरोध किया। राज्य सरकार का दावा है कि मोनालिसा की जन्मतिथि दिसंबर 2009 है, जिसके अनुसार विवाह के समय वह नाबालिग थीं। इस आधार पर बाल संरक्षण कानून लागू हो सकते हैं।

दस्तावेज़ और कानूनी विवाद

सरकार ने यह भी आरोप लगाया है कि विवाह और जन्म से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर किया गया हो सकता है, वहीं याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव का परिणाम हैं, सुनवाई के दौरान जस्टिस कौसर एडप्पागथ की मौखिक टिप्पणी—“खुद को भाग्यशाली समझें कि आप केरल में हैं”—सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि यह एक मौखिक अवलोकन था, लेकिन इसने मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है।

कोर्ट में महत्वपूर्ण दलीलें

कोर्ट को यह भी बताया गया कि पीड़िता ने स्वयं अपने पति के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि मामले में गंभीर कानूनी और दस्तावेजी अनियमितताओं की जांच जरूरी है, यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है। केरल और मध्य प्रदेश दोनों जगह कानूनी कार्यवाही जारी है, इसके अलावा तिरुवनंतपुरम की एक पॉक्सो कोर्ट में दायर निजी शिकायत में कई राजनीतिक नेताओं के नाम भी सामने आए हैं, जिससे मामला और जटिल हो गया है।

मोनालिसा भोसले और फरमान खान का यह मामला कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से लगातार चर्चा में बना हुआ है, अब सभी की नजरें हाईकोर्ट के आने वाले फैसले पर टिकी हैं, जो इस मामले की दिशा तय कर सकता है।