राजधानी लखनऊ में आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि ऑपरेशन सिंदूर दो दिन और जारी रहता तो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भारत का हिस्सा बन गया होता। उनके इस बयान के समय केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मंच पर मौजूद थे। अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। उन्होंने दावा किया कि अगर यह अभियान कुछ और समय तक चलता तो पीओके का भारत में विलय संभव हो सकता था।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब सेना प्रमुख ने उनसे गुरु दक्षिणा मांगने की बात कही थी, तब उन्होंने पीओके को भारत में वापस लाने की इच्छा व्यक्त की थी। कार्यक्रम के दौरान रामभद्राचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा मजबूत हाथों में है। उन्होंने राजनाथ सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि वह क्षत्रिय हैं और देश की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
इसके साथ ही उन्होंने राजनीतिक भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वर्ष 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर केंद्र में सरकार बनाएंगे और राजनाथ सिंह दोबारा रक्षा मंत्री का दायित्व संभालेंगे।






