श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर के सचिव कपिल गौतम (शर्मा) पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
दिनेश फलाहारी महाराज ने दावा किया कि वर्ष 2005 में पुणे के एक उद्योगपति द्वारा मंदिर को दिए गए लगभग 1.7 किलोग्राम आभूषणों के संबंध में उन्होंने तत्कालीन पदाधिकारियों से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि समय-समय पर मंदिर में दान देने वाले श्रद्धालुओं से प्राप्त आभूषण, नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं के संबंध में पारदर्शिता नहीं बरती गई।
फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 से 2026 के बीच हजारों श्रद्धालुओं से चंदे और दान के नाम पर धनराशि व कीमती सामान लिए गए, लेकिन कई मामलों में रसीदें जारी नहीं की गईं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पूर्व में भी विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर प्रशासन से जुड़े कुछ लोगों द्वारा दान प्रक्रिया में अनियमितताएं की जाती हैं तथा दानपात्र खोलने के दौरान पारदर्शिता नहीं रखी जाती। फलाहारी महाराज ने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति ने पिछले वर्षों में करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है और इसकी जांच कराए जाने पर वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
फलाहारी महाराज ने कहा कि यदि राज्य सरकार या संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वह इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और नई याचिका दायर करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास कथित तौर पर कुछ साक्ष्य मौजूद हैं, जिसके कारण उन्हें अपनी जान को खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन और विभिन्न हिंदू संगठनों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की।






