लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जेपीएनआईसी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया के माध्यम से तीखा हमला बोला है। राजभर ने जेपीएनआईसी परियोजना को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण जैसे महान समाजवादी नेता के नाम पर बनी परियोजना भी कथित अनियमितताओं से अछूती नहीं रही।
राजभर ने अपनी पोस्ट में लिखा कि सुबह काम से निकलते समय जब उनकी नजर जेपीएनआईसी पर पड़ी तो उन्हें लोकनायक जयप्रकाश नारायण की याद आ गई। उन्होंने कहा कि उनके मन में यह सवाल उठा कि क्या इसी समाजवाद के लिए जयप्रकाश नारायण ने अपना पूरा जीवन संघर्ष और आंदोलन में बिताया था।
अपने पोस्ट में राजभर ने आरोप लगाया कि करीब 200 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना को कथित तौर पर 860 करोड़ रुपये तक पहुंचा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद भवन आज तक पूरी तरह तैयार नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि लोकनायक के नाम पर भी भ्रष्टाचार होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
राजभर ने आगे लिखा कि उन्हें विश्वास है कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की आत्मा इस पूरे घटनाक्रम से आहत होगी। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यही कारण है कि वह पिछले नौ वर्षों से सत्ता से बाहर हैं और आगे भी जनता उन्हें दोबारा सत्ता में नहीं लाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब अखिलेश यादव जेपीएनआईसी को देखेंगे, उन्हें अपने किए पर ग्लानि और पछतावा जरूर होगा।
पोस्ट के अंत में राजभर ने लिखा कि पूर्वजों और महापुरुषों का सम्मान होना चाहिए, उनके नाम पर भ्रष्टाचार करना उचित नहीं है। उन्होंने अपनी पोस्ट का समापन “जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव और जय लोकनायक” के नारों के साथ किया।






