आरक्षण को लेकर देश में सियासी घमासान मचा हुआ है। एक तरफ मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट में साफ कह चुकी है कि आरक्षण व्यवस्था में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा, तो दूसरी तरफ अब SC-ST वर्ग को लेकर सरकार एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। खबर है कि SC-ST एक्ट के तहत उत्पीड़न के पीड़ितों को मिलने वाली मुआवजा राशि में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। इतना ही नहीं, कानून को और प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए विशेष थानों और विशेष अदालतों के गठन पर भी राज्यों को आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव है। सरकार की दलील है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बढ़ोतरी के चलते मुआवजा राशि को संशोधित करना जरूरी हो गया है। यानी SC-ST अत्याचार मामलों में पीड़ितों को पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक सहायता मिल सकती है। साथ ही विशेष थानों और अदालतों के लिए केंद्र की तरफ से करीब 5 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रस्ताव भी चर्चा में है।

लेकिन यहीं से सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है—कानून को मजबूत करना जरूरी है, मगर क्या इसके साथ फर्जी मुकदमों पर भी उतनी ही सख्ती होगी? उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में समय-समय पर SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग और झूठे मुकदमों के आरोप सामने आते रहे हैं। कुछ मामलों में अदालतों ने भी शिकायतों की जांच और आरोपों की सत्यता को लेकर गंभीर टिप्पणियां की हैं। हालांकि, सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस में कहा जा रहा है 60 या 70 फीसदी SC-ST एक्ट के मुक़दमे फर्जी पाये जाते हैं ,,,सच्चाई यह है कि अगर किसी SC-ST व्यक्ति के साथ वास्तव में अत्याचार होता है तो उसे कानून की पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। लेकिन अगर कोई व्यक्ति निजी विवाद, जमीन-जायदाद या पैसों के लेन-देन में दबाव बनाने के लिए कानून का गलत इस्तेमाल करता है, तो उस पर भी कार्रवाई जरूरी है। यही वजह है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय और OBC समेत अलग-अलग सामाजिक समूह लंबे समय से कानून के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। अब मोदी सरकार के सामने असली चुनौती सिर्फ मुआवजा बढ़ाने की नहीं, बल्कि न्याय और कानून के दुरुपयोग—दोनों के बीच संतुलन बनाने की है। सवाल यही है कि बढ़ा हुआ मुआवजा और नए विशेष थाने-अदालतें SC-ST कानून को कितना मजबूत करेंगे और फर्जी मुकदमों पर रोक लगाने के लिए सरकार क्या कदम उठाएगी? क्योंकि कानून मजबूत तभी माना जाएगा, जब पीड़ित को न्याय मिले और निर्दोष को फंसने से भी बचाया जाए