अशोक धाम भगदड़ के बाद सरकार सख्त, केदार गुप्ता बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बिहार के लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन की तीसरी सोमवारी के दौरान हुई भगदड़ की घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है, हादसे में श्रद्धालुओं की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, प्रदेश सरकार में मंत्री केदार गुप्ता ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार इस घटना से बेहद दुखी है और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चिराग पासवान ने जताया गहरा दुख
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी अशोक धाम मंदिर हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना को हृदयविदारक और बेहद पीड़ादायक बताया, चिराग पासवान ने मृत श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति मिलने और हादसे में घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
गिरिराज सिंह ने अफवाहों से बचने की अपील की
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी हादसे पर संवेदना व्यक्त की उन्होंने मृतकों और घायलों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं, गिरिराज सिंह ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह नहीं फैलाने की अपील की, उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहों के कारण लोगों में अचानक भय पैदा हो जाता है और बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, ऐसे समय में लोगों को संयम और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
JDU ने कहा- जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर
जदयू नेता राजीव रंजन ने भी अशोक धाम हादसे पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, उन्होंने कहा कि घटना की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी, उन्होंने जांच से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही।
वंदे मातरम् विवाद पर भी बोले राजीव रंजन
राजीव रंजन ने इस दौरान कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ गायन को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन संसद के दोनों सदनों से पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बने कानून का सम्मान किया जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की एक जिम्मेदार राजनीतिक पार्टी रही है और स्वतंत्रता आंदोलन में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में पार्टी के शीर्ष नेताओं से जिम्मेदार आचरण की उम्मीद की जाती है।
अफवाह के बाद मची भगदड़
जानकारी के अनुसार, सावन की तीसरी सोमवारी के कारण अशोक धाम मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे, इसी दौरान बिजली के तार गिरने और करंट फैलने की अफवाह फैल गई, अफवाह के बाद श्रद्धालुओं में अचानक डर का माहौल पैदा हो गया। देखते ही देखते भीड़ में भगदड़ की स्थिति बन गई, इस दौरान कई लोग गिरकर घायल हो गए और कुछ श्रद्धालुओं की मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थिति को नियंत्रित करने के साथ घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
जांच के बाद सामने आएगी जिम्मेदारी
हादसे के बाद प्रशासन की तैयारियों, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, सरकार ने जांच के जरिए घटना के कारणों और संभावित लापरवाही का पता लगाने की बात कही है, अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जांच में यदि किसी व्यक्ति या अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।