उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर में एक 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है, मृतका को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां बताया जा रहा है, घटना के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने सरकार से मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मायावती ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को बेहद दुखद और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से चिंताजनक बताया, उन्होंने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ इस तरह की गंभीर घटना हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है, मायावती ने सरकार से घटना का तत्काल संज्ञान लेने और मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
अखिलेश यादव ने भी जताया दुख
मायावती से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया, उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की माताजी की हत्या का समाचार बेहद दुखद है, अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस अधिकारी का परिवार भी सुरक्षित नहीं है, तो यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मालीपुर थाना क्षेत्र में हुई घटना
जानकारी के अनुसार, रविवार को अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना क्षेत्र में 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या की घटना सामने आई, घटना का पता उस समय चला जब उनकी देखभाल करने वाली महिला घर पहुंची, प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, महिला के शरीर पर इंजेक्शन जैसे निशान मिलने की बात सामने आई है, उनके मुंह से खून निकलने और जेवर गायब होने की जानकारी भी सामने आई है हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है हत्या के कारण, घर से जेवर गायब होने और शरीर पर मिले कथित निशानों समेत तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे कौन लोग थे और वारदात को किस उद्देश्य से अंजाम दिया गया, इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों की सुरक्षा और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर है।