गोरखपुर, 18 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि विवाद और राजस्व मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने दबंगों द्वारा रास्ता रोके जाने की शिकायत की। महिला ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद उसे रास्ता नहीं दिलाया जा रहा है।
महिला की शिकायत सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “रास्ता न दिला पाएं तो लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार सबको सस्पेंड करो।”
सीएम योगी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोषी अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई भी की जाए। किसी भी स्तर पर शिथिलता और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों के प्रार्थना पत्र लेकर शिकायतों का संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से निस्तारण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। जनता दर्शन में कई लोगों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की लापरवाही की शिकायत भी की। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं, इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके इलाज में पूरी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड के बावजूद यदि इलाज के लिए अतिरिक्त सहायता की जरूरत पड़ती है तो विवेकाधीन कोष से भी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम योगी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।