उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता वाली प्रस्तावित योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना में चुनाव से पहले 20 हजार रुपये की पहली किस्त और सरकार बनने के बाद 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तें देने का प्रस्ताव विचाराधीन है। हालांकि, योजना पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
इसी बीच मऊ सदर विधायक अब्बास अंसारी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस योजना को लेकर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी घोषणा बताया और सरकार की नीतियों पर कई आरोप लगाए। अब्बास अंसारी ने दावा किया कि सरकार ने 6,812 करोड़ रुपये जैसी बड़ी रकम अपने प्रचार पर खर्च की, जबकि 69 हजार शिक्षक भर्ती में दलित-पिछड़े वर्ग के आरक्षण और सरकारी स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
अब्बास अंसारी ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव नजदीक आते ही महिलाओं को 50 हजार रुपये देने की चर्चा क्या 2014 के 15 लाख रुपये वाले वादे की तरह महज चुनावी जुमला है। फिलहाल प्रस्तावित योजना को लेकर सरकार की ओर से अंतिम घोषणा नहीं हुई है। योजना की पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और भुगतान की प्रक्रिया भी अंतिम रूप से तय नहीं बताई गई है।