समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले और NDA में संभावित सीट बंटवारे को लेकर किए गए दावे पर AIMIM ने सवाल खड़े किए हैं। AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने पूछा कि अगर बीजेपी छोटे-छोटे सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति बना रही है, तो 20 फीसदी मुस्लिम आबादी को सपा कितनी राजनीतिक भागीदारी देगी?
अखिलेश यादव के दावे पर AIMIM का पलटवार
अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया था कि PDA के दबाव में बीजेपी अपने सहयोगी दलों को बड़ी संख्या में सीटें देने की योजना बना रही है। उनके मुताबिक, RLD को 73, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को 39, निषाद पार्टी को 31 और अपना दल (एस) को 19 सीटें देने की योजना पर काम हो रहा है। अखिलेश के इसी दावे पर AIMIM प्रवक्ता शादाब चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रमुख से मुस्लिम समाज की राजनीतिक भागीदारी को लेकर सवाल किया।
20 फीसदी समाज को कितनी भागीदारी देंगे?
शादाब चौहान ने कहा कि अगर बीजेपी अलग-अलग छोटे सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश कर रही है, तो सपा को भी यह बताना चाहिए कि करीब 20 फीसदी मुस्लिम आबादी को कितनी राजनीतिक भागीदारी दी जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस समाज ने लंबे समय तक समाजवादी पार्टी का समर्थन किया है, उसके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए पार्टी कितनी सीटें देने को तैयार है।
यूपी में तेज हुई सियासी बयानबाजी
अखिलेश यादव के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से भी अखिलेश यादव को कांग्रेस के साथ गठबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। वहीं, RLD प्रमुख जयंत चौधरी समेत अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यूपी में संभावित गठबंधनों और सीट बंटवारे को लेकर सियासी चर्चा और तेज हो गई
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