उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता पर जारी रखा है। लखीमपुर खीरी और अयोध्या समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार राहत कार्यों की निगरानी कर रहा है। वहीं प्रयागराज में एनडीआरएफ की टीमें डूबने की घटनाओं में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ की टीमें घटनास्थलों पर पहुंचकर राहत-बचाव अभियान चला रही हैं। साथ ही लोगों से नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने लोगों को तेज बहाव और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या बचाव एजेंसियों को सूचना देने की सलाह दी है।
प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ की टीम ने डूबे व्यक्ति की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। डीप डाइवर की मदद से टीम ने 18 अगस्त को दोपहर करीब 2:10 बजे व्यक्ति को बरामद किया। एनडीआरएफ ने लोगों से नदी और तालाबों में स्नान या अन्य गतिविधियों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर 11वीं वाहिनी एनडीआरएफ ने सिविल डिफेंस के सहयोग से सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें श्रद्धालुओं और आम लोगों को बाढ़, डूबने, भूकंप और आग जैसी आपदाओं से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। लोगों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान लोगों को दामिनी ऐप की जानकारी दी गई, जिसके माध्यम से बिजली गिरने की संभावित गतिविधियों को लेकर चेतावनी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही सचेत ऐप के जरिए मौसम और आपदा संबंधी चेतावनियां हासिल करने के बारे में भी बताया गया। एनडीआरएफ ने लोगों से इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर समय रहते सतर्क रहने की अपील की।
एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस ने लोगों से आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और सूझ-बूझ से काम लेने की अपील की है। लोगों को अफवाहों से बचने और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। सरकार की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखते हुए प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।