लखनऊ: राजधानी लखनऊ में सड़क और फुटपाथ पर अवैध कब्जे का एक मामला सामने आया है, जहां कथित अतिक्रमण से परेशान 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। मामला मड़ियांव थाना क्षेत्र के सीतापुर रोड स्थित पुरनिया तिराहे का बताया जा रहा है। महिला ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने फल-सब्जी विक्रेताओं ने सड़क और फुटपाथ पर बड़ी संख्या में दुकानें लगा रखी हैं, जिससे परिवार को आने-जाने में परेशानी के साथ सुरक्षा का भी डर बना हुआ है।
घर के सामने 40-50 दुकानों का आरोप
बुजुर्ग महिला रामेश्वरी पांडेय के मुताबिक, वह वर्ष 1985 से पुरनिया तिराहे के पास स्थित अपने मकान में परिवार के साथ रह रही हैं। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में उनके घर के सामने फुटपाथ और सड़क के हिस्से पर करीब 40 से 50 फल-सब्जी की दुकानें और ठेले लग गए हैं।
महिला का कहना है कि दुकानों पर आने वाले ग्राहक सड़क के किनारे और उनके घर के मुख्य गेट के सामने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे परिवार के लोगों को घर से बाहर निकलने और वाहन निकालने में परेशानी होती है। उनका दावा है कि कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि आपात स्थिति में भी घर से निकलना मुश्किल हो जाता है।
विरोध करने पर धमकी का दावा
रामेश्वरी पांडेय ने आरोप लगाया कि जब परिवार की ओर से कथित अतिक्रमण का विरोध किया जाता है तो कुछ दुकानदार और उनके समर्थक विवाद करने लगते हैं। महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विरोध करने पर चाकू और छुरी दिखाकर धमकाया जाता है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परिवार की महिलाओं और बहू-बेटियों के आने-जाने के दौरान कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां की जाती हैं। महिला के मुताबिक, विरोध करने पर कई लोग एक साथ इकट्ठा होकर गाली-गलौज और मारपीट की धमकी देते हैं।हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जलभराव और यातायात की भी समस्या
महिला ने अपने वीडियो में सड़क पर अतिक्रमण के साथ जलभराव की समस्या का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि बारिश के दौरान घर के सामने पानी और कीचड़ जमा हो जाता है। इससे बुजुर्गों और स्थानीय लोगों के फिसलकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है।उनका आरोप है कि सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से दुकानें लगने और वाहनों की पार्किंग के कारण यातायात भी प्रभावित होता है।
कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
रामेश्वरी पांडेय का दावा है कि उन्होंने स्थानीय पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से कई बार मौखिक और लिखित शिकायत की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है।महिला की मांग है कि सड़क और फुटपाथ से अवैध अतिक्रमण हटाया जाए, यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए और धमकी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।अब देखना होगा कि बुजुर्ग महिला की शिकायत पर लखनऊ पुलिस और नगर निगम क्या कार्रवाई करते हैं। यदि जांच में अतिक्रमण और धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।