लखनऊ, 24 अगस्त। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयान पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मनु को समझना है तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण का अध्ययन करना चाहिए।
सीएम योगी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी से लोकतंत्र और संविधान के प्रति जिम्मेदार भूमिका की अपेक्षा की जाती है, लेकिन वह भारत की परंपरा और विरासत को लगातार कटघरे में खड़ा करते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश से बाहर जाकर यूपी को और देश से बाहर जाकर भारत को अपमानित करने का काम करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को भारत के वास्तविक नायकों और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने की जरूरत है। सीएम योगी ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए 1975 के आपातकाल का भी जिक्र किया। गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमेठी और रायबरेली ने लंबे समय तक इस परिवार को राजनीतिक आधार दिया, लेकिन इन क्षेत्रों के सामने पहचान का संकट भी इसी परिवार की राजनीति ने खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अब जनता को तय करना है कि उसे विकास और सम्मान की राजनीति चाहिए या परिवारवाद की।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश के स्मारकों और संस्थानों के नामकरण में एक ही परिवार को प्राथमिकता दी, जबकि राना बेनी माधव बख्श सिंह, वीरा पासी, लालचंद स्वर्णकार और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों के सम्मान को प्राथमिकता दी है।
कांग्रेस नेताओं के कथित दोहरे चरित्र पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत करना उनके दोहरे आचरण को दिखाता है। सीएम योगी ने प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि जिस माफिया पर हत्या का आरोप था, उसके खिलाफ आवाज उठाने के बजाय कांग्रेस नेता उसके सामने झुक गए।
राना बेनी माधव बख्श सिंह के योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वाधीनता संग्राम उत्तर प्रदेश के योगदान के बिना अधूरा है। अवध क्षेत्र में राना बेनी माधव बख्श सिंह ने हजारों स्थानीय लोगों को साथ लेकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया और स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री ने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, नाना साहेब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, वीरा पासी, राजा माधव सिंह, राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार, फतेह बहादुर और बसंत सिंह समेत स्वतंत्रता संग्राम के अनेक सेनानियों को नमन किया।
सीएम योगी ने बताया कि राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक के पहले चरण का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने दूसरे चरण में वीरा पासी और उनके सहयोगियों की प्रतिमाएं स्थापित करने का सुझाव दिया। साथ ही पूरे वर्ष स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीद परिवारों को आमंत्रित कर उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के वास्तविक नायकों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके योगदान को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता है।
