उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार शाम 4 बजे लोकभवन में कैबिनेट की अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में रोजगार, औद्योगिक विकास, पुलिस, परिवहन, पर्यटन और जनसेवा से जुड़े करीब 19 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है।
मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से सोमवार को कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया गया है। प्रस्तावित एजेंडे में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने से लेकर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
कैबिनेट में जन सेवा केंद्र 4.0 की नई नियमावली और संचालन योजना को मंजूरी दिए जाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र विकास योजना के तहत युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी फैसला हो सकता है।
पुलिस विभाग से जुड़े प्रस्तावों में मृतक आश्रित कोटे में सिपाही भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा हटाने, यूपी पुलिस की जिला इकाइयों के लिए 1,323 नए वाहन खरीदने और कुशल खिलाड़ियों की भर्ती एवं पदोन्नति नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शामिल है।
परिवहन क्षेत्र में करीब 4,000 करोड़ रुपये की लागत से नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने आएगा। वहीं, एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास को लेकर भी कई बड़े फैसले संभावित हैं। इनमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास सुल्तानपुर में 27,225.33 लाख रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर की स्थापना और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी का प्रस्ताव शामिल है।
इसके साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में विचार हो सकता है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ एफडीआई, विदेशी पूंजी निवेश और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 से जुड़े निवेश प्रस्तावों पर भी फैसला संभावित है।
स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में निजी अस्पतालों में निवेश बढ़ाने के लिए सरकारी सहायता नीति, मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के दिशा-निर्देश और साक्षर भारत योजना के तहत कार्यरत जिला एवं ब्लॉक समन्वयकों तथा शिक्षा प्रेरकों की बकाया देनदारी के भुगतान से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।
पर्यटन के क्षेत्र में मैनपुरी में समान पक्षी विहार के पास पर्यटन विकास के लिए 6 हेक्टेयर ग्राम सभा भूमि पर्यटन विभाग को निशुल्क हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा अभिभावकों को वसीयत बदलने के लिए अधिकरण में 60 दिन के भीतर दावा पेश करने की सुविधा और इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट मैनेजर्स सेंट्रलाइज्ड सर्विस रूल्स-2026 को मंजूरी देने से जुड़े प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल हैं।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में रोजगार, निवेश, औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, पुलिस आधुनिकीकरण, परिवहन और जनसेवा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना है। अब नजर इस बात पर है कि योगी कैबिनेट किन प्रस्तावों पर मुहर लगाती है और प्रदेश के विकास की दिशा में कौन से नए फैसले सामने आते हैं।
