मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। एक्ट्रेस ने फिल्म इंडस्ट्री में वरिष्ठ कलाकारों को मिलने वाले सम्मान और उनकी छवि को लेकर तीखी टिप्पणी की है। तनुश्री ने कहा कि किसी कलाकार का सम्मान सिर्फ उसकी उम्र या अनुभव के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों के आधार पर होना चाहिए। सोशल मीडिया यूजर्स उनके इस बयान को अभिनेता नाना पाटेकर से जोड़कर देख रहे हैं।तनुश्री दत्ता इससे पहले नाना पाटेकर पर ‘मी टू’ अभियान के दौरान गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। इन आरोपों को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। अब तनुश्री के ताजा पोस्ट के बाद एक बार फिर यह पुराना विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है।
‘वेटरन’ शब्द को लेकर तनुश्री ने कही बड़ी बात
सोमवार को तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसके साथ लिखे लंबे पोस्ट में उन्होंने बॉलीवुड में अपने अनुभवों और इस दौरान मिली सीख का जिक्र किया।तनुश्री ने लिखा कि शुरुआत में उन्हें भी लगता था कि उम्रदराज कलाकार को काम नहीं मिल रहा है तो उसकी मदद करनी चाहिए। लेकिन इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने के बाद उनकी सोच बदल गई।एक्ट्रेस ने ‘वेटरन’ शब्द की अपनी व्याख्या करते हुए ऐसे वरिष्ठ कलाकारों पर निशाना साधा, जिन्हें वह बेहद चालाक और रणनीतिक मानती हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग वर्षों के अनुभव के साथ मीडिया और लोगों की धारणा को अपने पक्ष में प्रभावित करना भी सीख जाते हैं।
उम्र नहीं, चरित्र से हो इंसान की पहचान
तनुश्री ने अपने पोस्ट में कहा कि किसी व्यक्ति पर केवल उसकी उम्र, लोकप्रियता या वरिष्ठता के आधार पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडस्ट्री में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो अपनी वरिष्ठता और अनुभव की छवि के पीछे अपनी वास्तविकता छिपा सकते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वरिष्ठ लोगों के कथित तौर पर युवा कलाकारों के प्रति नकारात्मक रवैये हो सकते हैं और वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर सकते हैं।हालांकि तनुश्री ने इस ताजा पोस्ट में सीधे तौर पर किसी कलाकार का नाम नहीं लिया है। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर उनके बयान को नाना पाटेकर से जोड़कर देखा जा रहा है।
नाना पाटेकर के खिलाफ पहले लगा चुकी हैं आरोप
तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर का विवाद वर्ष 2018 में ‘मी टू’ अभियान के दौरान काफी सुर्खियों में आया था। तनुश्री ने अभिनेता पर फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ की शूटिंग के दौरान अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे।इन आरोपों के बाद बॉलीवुड में महिला सुरक्षा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न और इंडस्ट्री में शक्ति-संतुलन को लेकर व्यापक बहस छिड़ी थी। नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों को खारिज किया था।इसके बाद भी तनुश्री कई मौकों पर सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाती रही हैं।
‘असली पहचान कर्मों से होती है’
अपने हालिया पोस्ट में तनुश्री ने जोर देकर कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी उम्र, चेहरे या पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर अच्छा या बुरा नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, इंसान की वास्तविक पहचान उसके स्वभाव और उसके कर्मों से होती है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री में कुछ लोग शालीनता और वरिष्ठता का मुखौटा पहनकर अपनी वास्तविक सोच छिपाते हैं।तनुश्री की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ यूजर्स इसे उनके पुराने विवाद का संदर्भ मान रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि एक्ट्रेस ने किसी का नाम नहीं लिया है, इसलिए इसे सीधे किसी एक व्यक्ति से जोड़ना उचित नहीं होगा।फिलहाल तनुश्री दत्ता के इस पोस्ट ने बॉलीवुड में ‘वेटरन’ कलाकारों की छवि, वरिष्ठता और सम्मान के आधार को लेकर नई चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
