लखनऊ, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार देने का अभियान लगातार जारी है। पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अब सरकार अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र देने की तैयारी में है। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित कृषि विभाग के 3446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र सौंपे।
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि पारदर्शी तरीके से मिली नियुक्ति के बाद उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा का उद्देश्य केवल नौकरी करना नहीं, बल्कि प्रदेश, समाज और देश के हित में पूरी ईमानदारी से दायित्व निभाना है। कर्तव्य का निष्ठापूर्वक निर्वहन ही ‘नेशन फर्स्ट’ की भावना है।
भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने आयोगों और भर्ती बोर्डों की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन मेरिट, आरक्षण नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधियाचन मिलने के छह महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। एक महीने के भीतर विज्ञापन और अगले दो महीने में परीक्षा कराने की दिशा में काम किया जाए, ताकि युवाओं को नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि सरकार ने आयोगों और बोर्डों को पूरी स्वतंत्रता दी है, इसलिए समयबद्ध परिणाम देना भी उनकी जिम्मेदारी है। भर्ती प्रक्रिया को सहज और सरल बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को नौकरी की प्रक्रिया में वर्षों तक गंवाने के बजाय प्रदेश के विकास में लगा सकें।
नौ साल में 9.30 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों पर किसी तरह का सवाल नहीं उठाया जा सकता। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और नकल माफिया का प्रभाव था, जिससे युवाओं का समय और उम्र दोनों बर्बाद होते थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और उनकी संपत्तियां जब्त कराकर कार्रवाई की गई। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि योग्य युवाओं को बिना भेदभाव और बिना किसी सिफारिश के उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिले।
यूपी बोर्ड परीक्षा में भी बड़ा बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाएं और परिणाम लंबे समय तक चलते थे। उन्होंने बताया कि अब 56 लाख अभ्यर्थियों की बोर्ड परीक्षा महज 14 दिनों में पूरी होती है और अगले 14 दिनों में परिणाम जारी कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि नकलविहीन परीक्षा और समयबद्ध परिणाम से छात्रों को आगे की पढ़ाई और करियर के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों से भी बच्चों की स्किलिंग, करियर और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार करने का आह्वान किया।
दुनिया में बढ़ी यूपी के युवाओं की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के युवाओं को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने जापान, जर्मनी और इजराइल का उल्लेख करते हुए कहा कि जापान का 240 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हाल में उत्तर प्रदेश आया था और वहां के युवाओं को रोजगार देने में रुचि दिखाई। इजराइल में भी उत्तर प्रदेश के हजारों युवा काम कर रहे हैं और बेहतर आय अर्जित कर अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव उत्तर प्रदेश में रोजगार, निवेश और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में आए परिवर्तन का परिणाम है।
किसानों के हित में सरकार के प्रयासों का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले किसानों को पर्याप्त बिजली, सिंचाई और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने में पिछली सरकारें विफल रही थीं। वर्तमान सरकार ने 16 लाख से अधिक निजी नलकूपों के करीब 3000 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों को पहली बार व्यापक स्तर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर को आठ प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत तक किया गया है और अब इसे 30 प्रतिशत तक ले जाने की क्षमता उत्तर प्रदेश में है। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण बीज, आधुनिक तकनीक और किसानों को बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। लखनऊ में चौधरी चरण सिंह सीड पार्क की शुरुआत भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों के खातों में अब तक 3.25 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।
सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ा खेती का दायरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सिंचाई सुविधाओं का भी विस्तार किया है। बाणसागर परियोजना से करीब ढाई लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। अर्जुन सहायक परियोजना से महोबा और बांदा क्षेत्र को लाभ मिला है। वहीं वर्षों से लंबित सरयू राष्ट्रीय नहर परियोजना को 2021 में पूरा किया गया, जिससे बहराइच से गोरखपुर तक कई जिलों की करीब 14 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई सुविधा मिली है।
मंडी सचिव किसानों के हित में करें काम
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मंडी सचिवों से कहा कि वे मंडियों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के साथ किसानों को सम्मान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं। मंडी समितियों की सड़कों का समय से निर्माण, शेड की बेहतर व्यवस्था, उपज की खरीद और एमएसपी भुगतान की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मंडियों को ई-नाम से जोड़ने और किसानों को वैल्यू एडिशन, ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त अधिकारी अपने अच्छे कार्यों के माध्यम से किसानों के मन में विश्वास और सम्मान पैदा करें।
2017 के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले किसानों को खेतों में मोटर चोरी होने का डर रहता था, लेकिन आज कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की बिजली और सिंचाई से जुड़ी समस्याओं के समाधान के साथ उनकी सुरक्षा और आर्थिक मजबूती पर भी ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री ने चीनी मिलों का भी जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले कई चीनी मिलें बंद हुईं और औने-पौने दामों पर बेची गईं, जबकि वर्तमान में प्रदेश में 122 चीनी मिलें संचालित हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल अपनी जरूरत पूरी करने बल्कि देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने की क्षमता रखता है।
