पटना, 25 अगस्त 2026: TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों और अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए मार्च निकाला, प्रदर्शनकारियों को पहले जेपी गोलंबर के पास रोकने की कोशिश की गई, इसके बाद उन्हें डाकबंगला चौराहे के पास रोका गया, प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
रोहिणी आचार्य ने सरकार पर बोला हमला
घटना को लेकर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बिहार सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने आरोप लगाया कि TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से सरकार की कथित दमनकारी प्रवृत्ति सामने आती है,उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बार-बार पुलिस बल का इस्तेमाल और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों तथा युवाओं के भविष्य के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल पर सवाल
रोहिणी आचार्य ने संविधान में दिए गए शांतिपूर्ण विरोध और प्रदर्शन के अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि अपनी उचित मांगों को लेकर मार्च कर रहे छात्रों और अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज तथा वॉटर कैनन का इस्तेमाल लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के समान है, उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं पर इस तरह की कार्रवाई उनके मनोबल को प्रभावित करती है, उनके मुताबिक, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए।
‘दमनकारी नीतियों से समाधान नहीं’
रोहिणी आचार्य ने कहा कि छात्रों की मांगों को बल प्रयोग के जरिए दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए, उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दमनकारी नीतियों से किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता, उन्होंने पुलिस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और उचित प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।
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छात्रों से बातचीत और परीक्षा सुधार की मांग
रोहिणी आचार्य ने सरकार से छात्रों और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत करने की अपील की उन्होंने TRE-4 परीक्षा से जुड़ी मांगों पर विचार करते हुए आवश्यक परीक्षा सुधार जल्द लागू करने की मांग भी उठाई।
TRE-4 परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर छात्रों ने पटना में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया था। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थानों पर रोकने की कोशिश की। बैरिकेडिंग टूटने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, घटना के बाद छात्रों की मांगों, पुलिस कार्रवाई और सरकार की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है,अब निगाहें इस बात पर हैं कि बिहार सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।
