एत्माद्दौला में पांच साल के बच्चे का अपहरण, फिरौती के बाद खुला रिश्तेदारी का राज़

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    लखनऊ। शुक्रवार को एत्माद्दौला थाना क्षेत्र से लापता हुए पांच वर्षीय मासूम बच्चे को अगवा किसी और ने नहीं बल्कि उसी के चाचा गगन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर किया था। घरवालों को और पुलिस को इसकी भनक तब लगी जब चारों अपहरणकर्ताओं ने मोबाइल फोन के जरिए दो लाख रुपए की फिरौती मांगी। फिरौती की मांग सुनते ही पुलिस हरकत में आ गई और आनन-फानन में पुलिस की दस टीमें अलग-अलग दिशाओं में खोजबीन शुरू की।

    एत्माद्दौला पुलिस व सर्विलांस की संयुक्त टीम अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए जाल बिछाया और प्रमुख स्थानों पर चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि दो व्यक्ति संदिग्ध हालात में घूम रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए घेरेबंदी की कि तभी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली जा धंसी। गोली लगते ही वह वहीं गिर गए। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

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    पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों बदमाशों की पहचान साबिर व सत्यप्रकाश उर्फ बबलू के रूप में हुई। पुलिस का कहना है कि इस घटना में शामिल बच्चे का चाचा गगन उर्फ कारें व आकाश उर्फ अल्लू मौके से भाग निकले। पुलिस को मौके से दो अवैध असलहा, कारतूस व घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद हुई है।

    अपनों ने ही रची अपहरण की साजिश, चाचा निकला मासूम का दुश्मन

    आखिर समाज किधर जा रहा है किस पर कोई भरोसा करे जब अपने ही अपनों के दुश्मन बनते जा रहे हैं। 24 अक्टूबर 2025 को एत्माद्दौला थाना क्षेत्र निवासी पांच वर्षीय मासूम बच्चा अचानक लापता हो गया। घर न पहुंचने पर घरवालों ने मासूम लाडले की तलाश शुरू की। सफलता न मिलने पर इसकी जानकारी एत्माद्दौला पुलिस को दी। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने बच्चे जल्द सकुशल बरामद करने के लिए पुलिस की दस टीमें लगाई। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देश पर पुलिस की टीमें बच्चे की तलाश कर रही थी कि इसी दौरान घरवालों के मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आई और बच्चे की सलामती के लिए दो लाख रुपए की फिरौती मांगी।
    फिरौती मांगने की खबर जैसे ही पुलिस को लगी तो सन्न रह गई और अपनी रफ़्तार बढ़ा दी। पुलिस बच्चे को सकुशल बरामद करने के लिए जुटी हुई थी कि इसी दौरान पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि महताबबाग के पास कुछ संदिग्ध लोग मौजूद हैं। सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता ने बताया कि पुलिस टीम जैसे ही संदिग्धों को दबोचने के लिए घेरेबंदी की तभी बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग झोंकनी शुरू कर दी। सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में साबिर व सत्यप्रकाश के पैर में गोली लगने से गिर पड़े। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को मौके से दो अवैध असलहा, कारतूस व घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद हुई है। सहायक पुलिस आयुक्त के मुताबिक पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बताया कि इस अपहरण की योजना बच्चे के चाचा गगन ने ही बनाई थी, लेकिन पुलिस के डर से बच्चे को उसके घर के पीछे छोड़ कर भाग निकले थे। सहायक पुलिस आयुक्त का कहना है कि इस घटना में शामिल गगन व आकाश की तलाश में पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।

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