उत्तर प्रदेश की सियासत में एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने गुरुवार को मेरठ में ऐसा बयान दे दिया जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।एक तरफ उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती की जमकर तारीफ की, तो दूसरी तरफ सपा नेता आजम खान को उनके समाज का “स्टार” बताते हुए बड़ा नेता करार दिया। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार कर उन्होंने अपनी अलग सियासी पहचान भी दर्ज कराई।
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मायावती की तारीफ में संजय निषाद का बड़ा बयान
मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में डॉ. संजय निषाद ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी का राइज हो रहा है। मायावती जी के अच्छे कार्यों ने समाज को नई दिशा दी है। बसपा का कैडर बहुत मजबूत और अनुशासित है। हाथी का वोट सुबह ग्यारह बजे तक ही तय हो जाता है।उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। क्योंकि किसी भाजपा सहयोगी दल के मंत्री द्वारा बसपा प्रमुख की इतनी खुलकर तारीफ राजनीतिक संकेतों” से भरी मानी जा रही है।विशेषकर उस समय, जब उत्तर प्रदेश में 2027 की सियासी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मायावती लगातार अपने संगठन को नए सिरे से सक्रिय कर रही हैं।

आजम खान को बताया अपने समाज का स्टार
सिर्फ मायावती ही नहीं, डॉ. निषाद ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान पर भी बयान देकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि आजम खान साहब अपने समाज के स्टार हैं। उन्हें सोचना चाहिए कि किसके साथ रहना उचित होगा। राजनीति में कोई चरित्र प्रमाण-पत्र लेकर नहीं चलता।यह बयान ऐसे समय में आया है जब आजम खान के बसपा से संभावित नजदीकी की चर्चाएं ज़ोरों पर हैं। सपा में हाशिए पर माने जा रहे आजम के लिए यह टिप्पणी नए सियासी समीकरणों की ओर इशारा करती दिख रही है।

कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष
जहां एक ओर निषाद ने विपक्ष के कुछ नेताओं की तारीफ की, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर उन्होंने तंज कसना नहीं छोड़ा। व्यंग्यात्मक लहजे में कहा राहुल गांधी जी गाड़ी की सीट छोड़कर विदेश घूम रहे हैं। अब उनकी सवारी कहां जाएगी? क्या कहें, कहां जाएगी?यह बयान कांग्रेस की हालिया निष्क्रियता और राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।

यूपी में एसआईआर व्यवस्था की वकालत
डॉ. संजय निषाद ने उत्तर प्रदेश में “एसआईआर व्यवस्था लागू करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लागू होने से समाज के हर वर्ग को न्याय मिलेगा।मैं चुनाव आयोग को एसआईआर व्यवस्था पर सुझाव दूंगा। इससे हर तबके के व्यक्ति को न्याय सुनिश्चित किया जा सकेगा।हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एसआईआर से उनका अभिप्राय क्या है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे सामाजिक समानता के एक नए प्रस्ताव के रूप में देखा जा रहा है।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. संजय निषाद के ये बयान सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि भविष्य की सियासी संभावनाओं की झलक भी हैं।मायावती की तारीफ,आजम खान की प्रशंसा,और राहुल गांधी पर वार —तीनों मिलकर एक ऐसी रणनीति की ओर इशारा करते हैं, जिसमें निषाद समाज को केंद्र में रखकर नई राजनीतिक भूमिका तय की जा रही है।मेरठ में डॉ. संजय निषाद का यह बयान अब पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।जहां भाजपा खेमे में इस पर मौन रणनीति अपनाई जा रही है, वहीं बसपा और सपा के नेता इसे राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं।अब सवाल यह है कि क्या डॉ. निषाद ने यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत विचारों के रूप में दिया,या यह उत्तर प्रदेश की सियासत में किसी बड़े फेरबदल की आहट है?



