Home Uttar Pradesh Lucknow मदर्स डे पर भावुक कर देने वाली कहानियां: जब CM योगी ने...

मदर्स डे पर भावुक कर देने वाली कहानियां: जब CM योगी ने मांओं के आंसू पोंछकर बच्चों को दिया नया भविष्य

10
0

10 मई को पूरी दुनिया मदर्स डे मना रही है। यह दिन मां के प्यार, त्याग और समर्पण को सम्मान देने का अवसर माना जाता है। उत्तर प्रदेश में भी मदर्स डे के मौके पर कई ऐसी कहानियां चर्चा में हैं, जहां मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के हस्तक्षेप ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी। कानपुर की खुशी गुप्ता से लेकर लखनऊ की अनाबी अली, मुरादाबाद की वाची और गोरखपुर की पंखुड़ी त्रिपाठी तक, कई बच्चों को नई उम्मीद और उनकी मांओं को राहत मिली।

इन घटनाओं को लेकर लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने सिर्फ प्रशासनिक फैसले नहीं लिए, बल्कि कई परिवारों के दर्द को समझते हुए मानवीय पहल भी की।

कानपुर की ‘खुशी’ के जीवन में लौटी मुस्कान

कानपुर की रहने वाली मूक-बधिर बच्ची खुशी गुप्ता की कहानी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। खुशी न बोल सकती थी और न ही सुन सकती थी। नवंबर 2025 में वह बिना बताए घर से निकल गई और करीब 90 किलोमीटर पैदल चलकर लखनऊ पहुंच गई। बाद में किसी तरह उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाया गया।

बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान खुशी ने अपने हाथों से बनाई गई एक पेंटिंग मुख्यमंत्री को भेंट की। बच्ची की स्थिति देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए और तुरंत उसके इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग और एक निजी फाउंडेशन की मदद से खुशी का इलाज शुरू हुआ।

“थैंक यू योगी जी” सुनकर भावुक हुई मां

26 जनवरी 2026 को खुशी का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद उसने धीरे-धीरे सुनना और बोलना शुरू किया। बताया जाता है कि उसके मुंह से निकले पहले शब्द थे – “थैंक यू योगी जी।”यह सुनकर उसकी मां गीता गुप्ता भावुक हो गईं। परिवार का कहना है कि उन्हें पहली बार ऐसा लगा कि उनकी बेटी अब सामान्य जीवन की ओर लौट सकती है। यह कहानी सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई और लोगों ने बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Also Read- यूपी में कल हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार, 6 नए चेहरों की एंट्री तय? सामने आए नाम

मायरा, अनाबी, वाची और पंखुड़ी को भी मिला सहारा

ऐसी ही कई और कहानियां भी सामने आईं। कानपुर की नन्ही मायरा जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिली थी। मुख्यमंत्री ने उसे चॉकलेट देने के साथ उसकी पढ़ाई की समस्या भी सुनी। बाद में उनके निर्देश पर कानपुर के एक प्रतिष्ठित स्कूल में मायरा का दाखिला कराया गया।

इसी तरह मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी अली और गोरखपुर की पंखुड़ी त्रिपाठी को भी पढ़ाई से जुड़ी मदद मिली। किसी की फीस माफ कराई गई तो किसी का अच्छे स्कूल में एडमिशन कराया गया। इन बच्चियों के परिवारों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित हुआ है।

वृद्ध मां की पुकार पर तुरंत हुई कार्रवाई

एक अन्य घटना में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध महिला जनता दर्शन में अपने कैंसर पीड़ित बेटे की मदद मांगने पहुंची थीं। महिला की हालत देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गए और तुरंत अधिकारियों को इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

बताया जाता है कि कैंसर पीड़ित युवक को तुरंत एंबुलेंस से कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू कराया गया। इस घटना के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

मानवीय पहल की हो रही चर्चा

मदर्स डे के मौके पर इन घटनाओं की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि ये प्रशासनिक फैसलों से आगे बढ़कर मानवीय संवेदनाओं को दर्शाती हैं। कई परिवारों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा, इलाज और भविष्य को लेकर मिली मदद ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

उत्तर प्रदेश में जनता दर्शन कार्यक्रम के जरिए लगातार लोगों की समस्याएं सुनने और तत्काल समाधान देने की प्रक्रिया को सरकार अपनी बड़ी उपलब्धियों में गिनाती रही है। वहीं इन घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर भी कई लोग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली और संवेदनशीलता की सराहना कर रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here