प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने के आह्वान के बाद सत्ता पक्ष के कई मंत्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट और साइकिल से दफ्तर पहुंचते नजर आए। सरकार की ओर से इसे ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश बताया गया। हालांकि, इसी बीच डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के बढ़े दामों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
अखिलेश यादव ने मंत्रियों के साइकिल से दफ्तर जाने पर तंज कसते हुए कहा कि “हमने तो पहले ही कहा था कि आगे बढ़ने के लिए साइकिल की जरूरत है।” अखिलेश यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना रहा।
वहीं, कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को “महंगाई मैन ” बताते हुए आरोप लगाया कि महंगाई का एक और हंटर आम जनता पर चलाया गया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा।
ईंधन बचाने के संदेश और बढ़ती कीमतों के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला कदम बता रहा है, जबकि सरकार ऊर्जा बचत और वैकल्पिक साधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कह रही है।






