चित्रकूट। जिले में आयोजित टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक) परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि आरोपी अपने चचेरे भाई की जगह परीक्षा देने आया था।
मामला रैपुरा क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र का है, जहां परीक्षा के दौरान युवक का बायोमेट्रिक सत्यापन बार-बार असफल हो रहा था। केंद्र प्रशासन को संदेह होने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस और संबंधित एजेंसी को दी गई। पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम दिलीप कुमार बताया और स्वीकार किया कि वह अपने चचेरे भाई विकास सिंह के स्थान पर परीक्षा देने आया था।
जांच में पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बरामद किए हैं। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में दिलीप कुमार और वास्तविक अभ्यर्थी विकास सिंह के खिलाफ रैपुरा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी की जा रही है और किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़े की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






