श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय पर लग रहे आरोपों के बीच उनके भाई सुनील बंसल सामने आए हैं। उन्होंने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि चंपतराय को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत बदनाम करने और भाजपा को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि विपक्ष अपने मंसूबों में सफल नहीं होगा।
सुनील बंसल ने बताया कि चंपतराय पिछले कई वर्षों से अपने पैतृक घर नहीं आए हैं। उनके अनुसार वर्ष 2019 में वे अपने भतीजे के विवाह समारोह में नजीबाबाद के एक बैंक्वेट हॉल में शामिल हुए थे और वहीं से वापस लौट गए थे। उन्होंने कहा कि चंपतराय पारिवारिक जीवन से लगभग पूरी तरह अलग हो चुके हैं और परिवार के सदस्यों के फोन भी बहुत कम उठाते हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद चंपतराय का अधिकांश जीवन संगठन और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित रहा है। उनके मुताबिक संघ से जुड़ने के बाद वे केवल चार-पांच बार ही अपने पैतृक आवास आए होंगे।
सुनील बंसल ने चंपतराय पर लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि विपक्ष उन्हें और भाजपा को बदनाम करने के उद्देश्य से यह विवाद खड़ा कर रहा है। उन्होंने चंपतराय को बेहद ईमानदार और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व का व्यक्ति बताया।
वहीं, पड़ोसियों ने भी चंपतराय के चरित्र की सराहना करते हुए उन्हें “गंगाजल की तरह शुद्ध” बताया। उनका कहना है कि घर छोड़ने के साथ ही उन्होंने निजी जीवन का भी त्याग कर दिया था। पड़ोसियों ने यह भी दावा किया कि मीडिया में जिस “चंदन राय” को चंपतराय का भतीजा बताया जा रहा है, वह उनके परिवार का सदस्य नहीं है। उनके अनुसार परिवार के अधिकांश सदस्य नगीना से बाहर रहते हैं और वर्तमान में केवल एक भाई ही पैतृक आवास पर रह रहे हैं।






