बृजभूषण शरण सिंह के सपा में जाने की अटकलों पर BJP का बयान, राकेश त्रिपाठी बोले- ‘ये उनका अंदरूनी मामला’
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर सुर्खियों में रहने वाले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं, महिला पहलवानों से जुड़े मामले में आरोपों से बरी होने के बाद दिए गए एक इंटरव्यू में उनके राजनीतिक बयानों ने यूपी की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है, उनके एक बयान के बाद समाजवादी पार्टी (SP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
अब इन अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रतिक्रिया सामने आई है, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी एक अनुशासित संगठन है और उसके सभी कार्यकर्ता नेतृत्व के निर्णय और नीतियों के साथ एकजुट हैं।
‘बृजभूषण पहले सपा में रह चुके हैं’
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह पहले समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं और उससे पहले बीजेपी में भी रहे हैं, फिलहाल वह बीजेपी के साथ हैं, उन्होंने यह भी कहा कि बृजभूषण शरण सिंह के दोनों बेटे राजनीति में सक्रिय हैं, जिनमें एक बीजेपी विधायक और दूसरा सांसद है।
बीजेपी प्रवक्ता ने बृजभूषण शरण सिंह को एक मुखर नेता बताते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हैं, उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे पर बृजभूषण शरण सिंह ने क्या कहा और समाजवादी पार्टी उस पर क्या प्रतिक्रिया दे रही है, यह उसका अंदरूनी मामला है।
बृजभूषण के बयान से क्यों बढ़ी सियासी चर्चा?
दरअसल, पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महिला पहलवानों से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल उनके विरोध में खड़ा नहीं हुआ, तो उनमें समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और बिहार की राष्ट्रीय जनता दल शामिल हैं, उनके इस बयान को यूपी की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में अहम माना जा रहा है, बयान सामने आने के बाद सपा में उनके जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया हालांकि, बीजेपी की ओर से फिलहाल इसे बृजभूषण शरण सिंह का राजनीतिक बयान मानते हुए पार्टी की ओर से किसी संभावित बदलाव का संकेत नहीं दिया गया है।
सपा की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई हलचल
बृजभूषण शरण सिंह के बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से आई प्रतिक्रिया ने भी राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है, ऐसे में अब निगाहें इस बात पर हैं कि आने वाले दिनों में बृजभूषण शरण सिंह की राजनीतिक भूमिका क्या रहती है और क्या उनकी सपा से नजदीकी की अटकलें किसी ठोस राजनीतिक कदम में बदलती हैं, फिलहाल इतना साफ है कि बृजभूषण शरण सिंह के बयान ने यूपी की सियासत में नई बहस जरूर छेड़ दी है।






