बदायूं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कादरचौक थाना क्षेत्र के गौरामई गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के दौरान डीजे में करंट उतरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि डीजे के आसपास मौजूद करीब सात बच्चे झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बन गई।घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बच्चों का उपचार कराया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार घायल बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
कादरचौक थाना क्षेत्र में कैसे हुआ हादसा?
बताया जा रहा है कि गौरामई गांव में रात के समय एक कार्यक्रम के दौरान डीजे लगाया गया था। इसी दौरान डीजे का ऊपरी हिस्सा या साउंड सिस्टम ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया।
हाईटेंशन करंट डीजे में उतरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। करंट की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं डीजे के आसपास मौजूद करीब सात बच्चे भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए।
हादसे के बाद मची भगदड़
अचानक करंट उतरने के बाद कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। लोगों ने आनन-फानन में घायलों को वहां से हटाया और अस्पताल पहुंचाया।हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना से जुड़ा करीब 30 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डीजे के आसपास बड़ी संख्या में लोग दिखाई दे रहे हैं। अचानक हादसा होने के बाद वहां अफरा-तफरी और लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है।वायरल वीडियो सामने आने के बाद घटना की परिस्थितियों और पुलिस के शुरुआती बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा से संबंध को लेकर भी उठे सवाल
पुलिस के शुरुआती बयान के अनुसार मृतक युवक कांवड़िया नहीं था और घटना का कांवड़ यात्रा से सीधे तौर पर संबंध नहीं बताया गया है। वहीं, वायरल वीडियो में भगवा वस्त्र और कांवड़ यात्रा से जुड़े नारे दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
इसी वजह से घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
हाईटेंशन लाइन के नीचे डीजे पहुंचने पर जांच
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे डीजे कैसे पहुंचा और कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।प्रशासन इन सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। बिजली विभाग की टीम द्वारा हाईटेंशन लाइन, डीजे की ऊंचाई और बिजली के तारों से उसकी दूरी समेत तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई।पुलिस के अनुसार वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, घटनास्थल की स्थिति, तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत सभी तथ्यों को जांच में शामिल किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही के पहलू की भी होगी जांच
हाईटेंशन लाइन के नीचे डीजे लगाए जाने से जुड़े सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।फिलहाल पुलिस और प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों के उपचार, घटना के कारणों की जांच और हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को सामने लाने पर है।






