लखनऊ, 11 अगस्त। उत्तर प्रदेश में इस बार स्वतंत्रता दिवस का उत्सव राष्ट्रभक्ति के साथ ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता का संदेश भी देगा। योगी सरकार ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को ग्रामीण आजीविका से जोड़ते हुए प्रदेश की करीब 30 हजार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तिरंगा निर्माण के काम से जोड़ा है। छह हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को दो करोड़ राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जिसमें से अब तक करीब 1.90 करोड़ तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) से जुड़ी महिलाएं तिरंगा तैयार करने से लेकर उसकी फिनिशिंग तक का काम कर रही हैं। तैयार किए जा रहे इन राष्ट्रीय ध्वजों को ग्राम पंचायतों और अन्य संस्थाओं के माध्यम से घर-घर तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर अधिक से अधिक घरों और प्रतिष्ठानों पर तिरंगा फहराया जा सके।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय का नया अवसर भी तैयार किया है। करीब छह हजार स्वयं सहायता समूहों की 30 हजार महिलाएं इस अभियान में सीधे तौर पर जुड़ी हैं। सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना भी है। तिरंगा निर्माण पूरा होने के बाद इन्हें ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधानों और अन्य संस्थाओं को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद अभियान के तहत इन झंडों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
मंगलवार को उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने लखनऊ के चिनहट विकासखंड की ग्राम पंचायत जुग्गौर और सिकन्दरपुर पहुंचकर तिरंगा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके काम और तैयार किए जा रहे राष्ट्रीय ध्वजों की गुणवत्ता की जानकारी ली। जुग्गौर और सिकन्दरपुर में तुलसी मां स्वयं सहायता समूह, छोटे साहब स्वयं सहायता समूह और बजरंगबली स्वयं सहायता समूह को कुल 1.50 लाख राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से करीब 1.30 लाख से अधिक तिरंगे तैयार किए जा चुके हैं।
मिशन निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रभक्ति का प्रतीक नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने श्रम और सामूहिक प्रयास से राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी योगदान दे रही हैं।
सरकार का प्रयास महिलाओं को केवल तिरंगा निर्माण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वर्षभर आय देने वाली गतिविधियों से जोड़ना है। इसके लिए महिला समूहों को मसाला एवं खाद्य प्रसंस्करण, सोलर ड्रायर, सिलाई एवं परिधान निर्माण, अगरबत्ती, डेयरी, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और हस्तशिल्प जैसे उद्यमों से जोड़ा जा रहा है।
इस अभियान की खास बात यह है कि स्वतंत्रता दिवस पर घर-घर पहुंचने वाले तिरंगे स्थानीय ग्रामीण महिलाओं के हाथों से तैयार किए जा रहे हैं। जिन हाथों में घर-परिवार की जिम्मेदारियां हैं, वही हाथ अब देश के राष्ट्रीय पर्व को भव्य बनाने में भी योगदान दे रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक अवसर मिलने के साथ राष्ट्रीय पर्व में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर भी मिला है।
योगी सरकार की इस पहल से एक ओर जहां प्रदेश में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को व्यापक बनाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर हजारों ग्रामीण महिलाओं को काम और आय का अवसर मिल रहा है। इस तरह आजादी के उत्सव में इस बार राष्ट्रभक्ति के साथ महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का रंग भी दिखाई देगा।






