1951 से अब तक कैसे बदलता गया हिंदू आबादी का आंकड़ा?
बंटवारे के दौरान और उसके तुरंत बाद करीब 47 लाख हिंदू और सिख पाकिस्तान से भारत आ गए थे। इसके बाद पाकिस्तान में हिंदू आबादी का अनुपात काफी कम हो गया। 1951 में कितनी थी हिंदू आबादी? 1951 में पाकिस्तान में पहली आधिकारिक जनगणना हुई। उस समय पश्चिमी पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी करीब 1.6 प्रतिशत, यानी लगभग 5.3 लाख दर्ज की गई थी।
इसके बाद कई दशकों तक यह आंकड़ा अपेक्षाकृत कम रहा। 1998 की जनगणना में भी हिंदू आबादी 1.6 प्रतिशत दर्ज की गई थी। हालिया अलग-अलग आंकड़ों में पाकिस्तान में हिंदुओं की हिस्सेदारी करीब 1.6 से 2.17 प्रतिशत के बीच बताई जाती है।

पाकिस्तान का एक ऐसा जिला जहां हिंदू बहुसंख्यक हैं
सिंध का उमरकोट जिला पाकिस्तान में एक अलग उदाहरण है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां हिंदू आबादी करीब 52 प्रतिशत है और हिंदू समुदाय बहुसंख्यक है। पूरे पाकिस्तान की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 96-97 प्रतिशत बताई जाती है। ईसाई समुदाय की आबादी करीब 1.37 से 1.5 प्रतिशत के आसपास है, जो मुख्य रूप से पंजाब और सिंध में निवास करता है।

1947 में भारत में कितने मुसलमान रुके?
बंटवारे से पहले अविभाजित भारत में करीब 7.44 करोड़ मुसलमान रहते थे। ऐतिहासिक आंकड़ों के अनुसार बंटवारे के दौरान लगभग 3.90 करोड़ मुसलमान पाकिस्तान चले गए, जबकि करीब 3.54 करोड़ मुसलमान भारत में ही रहे।
1947 के बाद बदली जनसांख्यिकी
भारत और पाकिस्तान के बंटवारे ने दोनों देशों की जनसांख्यिकी को बड़े स्तर पर प्रभावित किया। बड़े पैमाने पर हुए पलायन के बाद दोनों देशों में धार्मिक समुदायों की आबादी के अनुपात में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला।