हरियाणा के सोनीपत में बुजुर्ग शिवचरण राम रतन गुप्ता की 13वीं की रस्म समाज के लोगों ने मिलकर पूरी की. क्योंकि अंतिम संस्कार से लेकर अस्थि विसर्जन तक दूर रहीं उनकी बेटियां 13वीं के कार्यक्रम में भी शामिल नहीं हुईं. इसके बाद वृद्ध आश्रम संचालक और सामाजिक संस्थाओं ने आगे बढ़कर हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सभी अंतिम संस्कार की परंपराएं निभाईं.सोनीपत के गीता मंदिर में शिवचरण गुप्ता की 13वीं का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में हवन-यज्ञ कर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. शिवचरण गुप्ता की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. इस दौरान शहर की कई सामाजिक संस्थाओं के सदस्य और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. हालांकि, उनके परिवार का कोई भी सदस्य कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ.
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वृद्धाश्रम के संचालक आनंद कुमार ने बताया कि शिवचरण गुप्ता के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी बेटियों से वीडियो कॉल के माध्यम से बात हुई थी। इसके बाद अस्थि विसर्जन के समय भी व्हाट्सऐप के जरिए उनसे संपर्क किया गया। हालांकि, 13वीं के कार्यक्रम में शामिल होने से बेटियों ने पहले ही असमर्थता जता दी थी। आनंद कुमार के अनुसार, हिंदू रीति-रिवाजों के मुताबिक सभी धार्मिक रस्में पूरी की गईं और वृद्धाश्रम से जुड़े लोगों ने परिवार की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई।
बुजुर्गों की देखभाल को लेकर दिया संदेश
आनंद कुमार ने कहा कि मौजूदा समय में कई बुजुर्ग अपने ही बच्चों की उपेक्षा झेलने को मजबूर हैं। उनके पास आए दिन ऐसे लोगों के फोन आते हैं, जो अपने बच्चों से परेशान होने की शिकायत करते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता की देखभाल और सम्मान करना हर संतान की जिम्मेदारी है। साथ ही बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में वे अपने बुजुर्गों का सम्मान और उनकी जरूरतों का ख्याल रखें।
समाजसेवियों ने जताई चिंता
13वीं के कार्यक्रम में शामिल हुईं समाजसेविका सुमन मंजरी ने कहा कि बदलते सामाजिक माहौल में संस्कारों की कमी भी ऐसे मामलों की एक बड़ी वजह बन रही है। उन्होंने शिवचरण गुप्ता के मामले को समाज के लिए विचार करने वाला प्रसंग बताया और लोगों से माता-पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की। कार्यक्रम में सोनीपत के मेयर राजीव जैन सहित कई समाजसेवी और अन्य लोग भी पहुंचे। सभी ने शिवचरण गुप्ता को श्रद्धांजलि दी और बुजुर्गों के प्रति सम्मान व जिम्मेदारी का संदेश दिया।