समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुराने गठबंधन सहयोगियों पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और जयंत चौधरी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि सपा ने गठबंधन के साथियों को पूरा सम्मान दिया, लेकिन इसके बावजूद कई साथी उनका साथ छोड़कर चले गए।
लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, “हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, तब भी हमें छोड़कर चले गए।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग को साथ लेकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाएगी।
2022 के चुनाव का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने 2022 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में समाजवादी पार्टी सरकार बनाने से महज कुछ कदम दूर रह गई थी। उन्होंने दावा किया कि करीब साढ़े तीन लाख वोट और मिल जाते तो प्रदेश में सपा की सरकार बन सकती थी। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा ने 2022 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।
RLD के साथ 2022 में था गठबंधन
बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था। RLD को गठबंधन में 33 सीटें मिली थीं, जिनमें से पार्टी ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले RLD ने सपा से अलग होकर बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया था।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने सड़कों की स्थिति, भ्रष्टाचार, पुलिस व्यवस्था और सरकार के विकास के दावों को लेकर सवाल उठाए। साथ ही एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को लेकर भी सरकार पर कटाक्ष किया।