पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी पहल, चमरोड पत्तन में शुरू हुआ पैरासेलिंग
जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है। चमरोड पत्तन, जिसे ‘मिनी गोवा’ के नाम से भी जाना जाता है, में पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्ट्स की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही पर्यटकों के लिए यहां मनोरंजन और एडवेंचर का एक नया विकल्प तैयार हो गया है।
चमरोड पत्तन पहुंचने वाले पर्यटक अब प्राकृतिक खूबसूरती के साथ रोमांचक वाटर स्पोर्ट्स का भी आनंद ले सकेंगे। प्रशासन का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है, जिससे यहां पर्यटकों की संख्या बढ़े और स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े रोजगार के अवसर भी पैदा हों।
रंजीत सागर बांध में भी तैयारियां तेज
वहीं, रंजीत सागर बांध की झील में भी वाटर स्पोर्ट्स को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यहां पैरासेलिंग का ट्रायल सफल हो चुका है, हालांकि अभी इसे आम पर्यटकों के लिए शुरू नहीं किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त के आखिरी सप्ताह तक झील में जेट स्की, एयर बैलून और अन्य रोमांचक गतिविधियां शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा पर्यटकों के लिए 95 सीटर और 45 सीटर क्रूज चलाने की योजना भी बनाई गई है।

टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी
प्रशासन की योजना केवल वाटर स्पोर्ट्स शुरू करने तक सीमित नहीं है। पूरे क्षेत्र को एक प्रमुख टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। प्राकृतिक खूबसूरती के साथ एडवेंचर और मनोरंजन की सुविधाएं मिलने से पठानकोट में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अगर प्रस्तावित सभी गतिविधियां तय समय पर शुरू होती हैं, तो पठानकोट और रंजीत सागर बांध आने वाले समय में पंजाब के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकते हैं। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, ट्रांसपोर्ट, स्थानीय दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबारों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।