अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मृतका की पहचान लखनऊ में तैनात प्रमोटी आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की मां के रूप में हुई है। वह मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव स्थित अपने घर में रह रही थीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।घटना सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया तेज हो गई। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
नौकरानी के पहुंचने पर सामने आई घटना
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला की देखभाल के लिए एक नौकरानी आती थी। घटना वाले दिन जब वह घर पहुंची तो महिला को अंदर मृत अवस्था में पाया। इसके बाद उसने परिजनों और पुलिस को सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शरीर पर मिले इंजेक्शन के निशान
पुलिस की शुरुआती जांच में महिला के शरीर पर इंजेक्शन के निशान मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा उनके मुंह से खून निकलने की जानकारी भी सामने आई है। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस मौत के हर संभावित पहलू की जांच कर रही है।हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इंजेक्शन का निशान किसी चिकित्सकीय उपचार से जुड़ा है या फिर इसका संबंध किसी आपराधिक घटना से है। पुलिस ने इस संबंध में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।
घर से गायब मिले रोजाना पहने जाने वाले जेवर
जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण जानकारी मिली। महिला के रोजाना पहने जाने वाले कुछ जेवर घर से गायब मिले। इसके बाद घटना को लेकर संदेह और गहरा गया है।बताया गया है कि आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की ओर से मालीपुर थाने में लूटपाट को लेकर तहरीर दी गई है। पुलिस अब गायब जेवरों और महिला की मौत के बीच संभावित संबंध की जांच कर रही है।पुलिस घर में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है। आसपास के लोगों और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ के साथ परिवार के सदस्यों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
अखिलेश यादव ने कानून-व्यवस्था पर साधा निशाना
घटना के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी की मां की हत्या का समाचार दुखद है और सवाल उठाया कि जब पुलिस अधिकारी का परिवार ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति है।अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद यह मामला राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने महिला की मौत को हत्या या सामान्य मृत्यु घोषित नहीं किया है। जांच एजेंसियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेंगी।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता चल सकेगा कि मौत बीमारी, हार्ट अटैक, किसी दवा या अन्य चिकित्सकीय कारण से हुई या फिर इसमें किसी तरह की आपराधिक भूमिका थी। वहीं गायब जेवरों को लेकर भी पुलिस की जांच जारी है।अभी तक मामले में किसी आरोपी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह और आगे की कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।