कारगिल शहीद राम दुलार यादव की 27वीं शहादत दिवस के मौके पर मुहम्मदाबाद तहसील के पड़ैनिया गांव में आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक अब्बास अंसारी ने अपने संबोधन के दौरान कई अहम बातें कहीं। मंच से दिए गए उनके बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में बोलने के लिए खड़े हुए अब्बास अंसारी ने अपने पिता मुख्तार अंसारी का जिक्र करते हुए कहा, “मेरी रगों में वही लहू है, जो आपने अपने बेटे मुख्तार अंसारी को दिया था।” उन्होंने आगे कहा कि वह हुनर, किरदार, कलेजे और ताकत के मामले में किसी से कम नहीं हैं।
अब्बास अंसारी ने कहा कि जब भी जरूरत पड़ेगी, वह अपने खून की आखिरी बूंद तक मान-सम्मान की रक्षा करने के लिए तैयार रहेंगे। उनके इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने संबोधन में अब्बास अंसारी ने जेल में बिताए समय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें 400 वर्षों तक जेल में रखा जाए, तब भी उनके हौसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने सामंतवादियों के खिलाफ लड़ने का भी जिक्र किया।
इसके बाद अब्बास अंसारी ने बिना किसी का नाम लिए अपने विरोधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “पहले जो लोग गाली और मोहल्ले में निकलने का नहीं सोचते थे, वह आज मीडिया में बयान दे रहे हैं।” अब्बास अंसारी के इस बयान को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर बिना नाम लिए विरोधियों पर किए गए उनके हमले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उनका इशारा किसकी ओर था। कारगिल शहीद राम दुलार यादव की शहादत दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दिए गए अब्बास अंसारी के बयान ने मुहम्मदाबाद और आसपास के सियासी माहौल को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।