लखनऊ, 23 अगस्त। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन तैयार करने वाली करीब 3.54 लाख रसोइयों को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। रसोइयों के मानदेय में एक हजार रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी के बाद अब उन्हें 3000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से रसोइयों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होने के साथ उनके काम को भी सम्मान मिलेगा। योजना में कार्यरत करीब 93 प्रतिशत रसोइयां महिलाएं हैं।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रसोइयों के सम्मान एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण समारोह में सरकार ने रसोइयों के सम्मान, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी लेते हुए रसोइयों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत प्रदेश के करीब 1.42 लाख प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे को 100 ग्राम खाद्यान्न से 450 कैलोरी ऊर्जा और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि उच्च प्राथमिक स्तर पर 150 ग्राम खाद्यान्न से 700 कैलोरी ऊर्जा और 20 ग्राम प्रोटीन उपलब्ध कराया जाता है।
बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में एक दिन मौसमी फल और बुधवार को दूध दिया जाता है। प्राथमिक स्तर पर 150 मिलीलीटर और उच्च प्राथमिक स्तर पर 200 मिलीलीटर दूध उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा चिक्की, गुड़, चना और रामदाना के लड्डू जैसी अतिरिक्त खाद्य सामग्री भी बच्चों को दी जा रही है।
योगी सरकार ने रसोइयों के मानदेय में पहले भी बढ़ोतरी की है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 500 रुपये और 2022-23 में 500 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद मानदेय 2000 रुपये प्रतिमाह हुआ। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसमें एक हजार रुपये की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इसके बाद रसोइयों को हर महीने 3000 रुपये मानदेय मिलेगा। रसोइयों को साल में एक बार दो ड्रेस के लिए 500 रुपये की राशि भी सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
सरकारी स्कूलों में विकसित किए जा रहे किचन गार्डेन भी पीएम पोषण योजना को मजबूती दे रहे हैं। जहां जगह उपलब्ध है, वहां किचन गार्डेन के लिए 5000 रुपये और स्थलाभाव वाले विद्यालयों को 2000 रुपये की धनराशि दी जा रही है। यहां उगने वाली ताजी सब्जियों और फलों का इस्तेमाल बच्चों के भोजन में किया जाता है।
प्रदेश के 25 जिलों में 136 केंद्रीयकृत रसोईघर संचालित हैं। अक्षयपात्र फाउंडेशन और 127 स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से करीब 10 लाख बच्चों तक गर्म और ताजा भोजन पहुंचाया जा रहा है। वाराणसी में जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री और गोरखपुर में जून 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत किचन का शुभारंभ किया गया था।
पीएम पोषण योजना में भोजन की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सोशल ऑडिट के साथ आईवीआरएस आधारित दैनिक अनुश्रवण व्यवस्था लागू है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2885 विद्यालयों में सोशल ऑडिट कराया गया, जबकि 2026-27 में 2838 विद्यालयों में सोशल ऑडिट का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स भी योजना की निगरानी कर रही है। कार्यक्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और अन्य गणमान्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
