कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने आरक्षण सुधार को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस मुद्दे पर बैठकर बातचीत करनी चाहिए, ताकि मामले का समाधान निकाला जा सके, करण भूषण सिंह ने कहा कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन उनका व्यक्तिगत विचार है कि बीजेपी के बड़े नेताओं को इस पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए, उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, “आरक्षण का जो मुद्दा चल रहा है, ये बहुत गंभीर मामला है। मैं इस मुद्दे पर अपनी उतनी टिप्पणी नहीं देना चाहता, मेरा बस ये मानना है कि पार्टी के बड़े नेताओं को इस पर बैठकर बात करनी चाहिए और मामला सुलझा लेना चाहिए।”
सतीश महाना के राष्ट्रगान विवाद पर भी बोले करण भूषण
यूपी विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना के राष्ट्रगान के दौरान बीच में चले जाने को लेकर भी करण भूषण सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे गलती बताते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें भी बुरा लगा, करण भूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो देखा है और संभव है कि उस समय सतीश महाना किसी अन्य बात को लेकर सोच में रहे हों, उन्होंने कहा कि बड़े नेताओं के दिमाग में कई तरह की चीजें चलती रहती हैं और संभव है कि उन्हें किसी कार्यक्रम में जाना रहा हो हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रगान के दौरान ऐसा होना गलती थी, साथ ही उन्होंने सतीश महाना के बाद में दिए गए बयान को भी इसी गलती के संदर्भ में देखने की बात कही।
आरक्षण सुधार की मांग पर बढ़ी सियासी हलचल
देश की राजनीति में इन दिनों आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर बहस तेज हो गई है, सवर्ण वर्ग से जुड़े कुछ संगठनों और लोगों की ओर से आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई जा रही है, इसके बाद राजनीतिक दलों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरक्षण सुधार की मांग को आरक्षण खत्म करने की साजिश करार दिया है, उन्होंने आरोप लगाया कि यह पीडीए के खिलाफ साजिश है और कहा कि आरक्षण था और हमेशा रहेगा वहीं, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को बीजेपी नेतृत्व तक पहुंचाने का भरोसा दिया है, उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ खड़ी है।
अब नजर बीजेपी के अगले कदम पर
आरक्षण सुधार को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समूहों के बीच बढ़ती बहस के बीच करण भूषण सिंह का बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है, उन्होंने सीधे तौर पर किसी पक्ष का समर्थन करने के बजाय बातचीत और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के हस्तक्षेप से समाधान निकालने पर जोर दिया है, अब देखना होगा कि आरक्षण सुधार की मांग को लेकर चल रहे विवाद पर बीजेपी का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व आगे क्या रुख अपनाता है।
