अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह में आयोजित मछली भोज को लेकर सियासी विवाद बढ़ता जा रहा है। निषाद समाज के कार्यक्रम में मछली-भात परोसे जाने के बाद बीजेपी और हिंदू संगठनों ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। इस विवाद के बीच बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अयोध्या धर्म और अध्यात्म की नगरी है और सावन का महीना हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में लोगों को इस पवित्र महीने में मांस, मछली, चिकन और अंडे से परहेज करना चाहिए।
निषाद समाज के कार्यक्रम में परोसा गया था मछली-भात
दरअसल, 23 अगस्त को अयोध्या में अजय राय के स्वागत के लिए निषाद समाज की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में मछली-भात परोसे जाने की बात सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। हालांकि, अजय राय ने मछली खाने के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनका मछली खाते हुए कोई फोटो दिखा दिया जाए तो वह इस्तीफा दे देंगे। अजय राय ने अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना भी की थी।
संतों ने भी जताई नाराजगी
मामले पर हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने भी नाराजगी जताई। उन्होंने अजय राय और कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कार्यक्रम में मांसाहारी भोजन परोसे जाने की निंदा की। फिलहाल इस मामले में किसी कानूनी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है। मछली भोज को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी मुद्दा बनता नजर आ रहा है।
