Home Political news लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर पोस्टर वार, कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगा...

लखनऊ में अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर पोस्टर वार, कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगा विवादित पोस्टर

27
0

यूपी कांग्रेस दफ्तर के बाहर पोस्टर से मचा राजनीतिक और धार्मिक हलचल

लखनऊ। लखनऊ में एक बार फिर पोस्टर राजनीति चर्चा के केंद्र में आ गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगाए गए एक पोस्टर ने सियासी के साथ-साथ धार्मिक हलकों में भी हलचल तेज कर दी है। पोस्टर में ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तस्वीर का प्रयोग किया गया है, जिसे लेकर अब सवाल और प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

युवा कांग्रेस नेता ने लगाया पोस्टर

यह पोस्टर भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं 275-अयोध्या विधानसभा से जुड़े शरद शुक्ला द्वारा लगाए जाने की जानकारी सामने आई है। पोस्टर यूपी कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगाया गया, जिससे मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया।

पोस्टर में दिखाई गई विवादित तस्वीर

पोस्टर में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तस्वीर को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। साथ ही पोस्टर में शंकराचार्य की चोटी खींचते हुए एक प्रतीकात्मक दृश्य भी दिखाया गया है, जिसने विवाद को और गहरा कर दिया है। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

धार्मिक श्लोक और पंक्तियां भी लिखी गईं

पोस्टर पर धार्मिक संदर्भों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें लिखा गया है—
“परमाराध्य परमधर्मधीश ज्योति पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी को कोटिशः प्रणाम।” इसके साथ ही मनुस्मृति और रामचरितमानस की पंक्तियां भी उद्धृत की गई हैं— “गुरोः अपमानं कृत्वा नराकं याति दारुणम्” (जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करता है, वह भयानक नरक में जाता है – मनुस्मृति 2.201) “जाको प्रभु दारुण दुख देहि, ताकी मति पहले हर लेही” (रामचरितमानस)

राजनीतिक और धार्मिक प्रतिक्रिया की संभावना

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर लगे इस पोस्टर को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि पोस्टर में दिखाई गई तस्वीर और संदेश को लेकर धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पोस्टर राजनीति फिर बनी चर्चा का विषय

लखनऊ में पोस्टर के जरिए संदेश देने की राजनीति कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस बार धार्मिक प्रतीकों और शंकराचार्य जैसे प्रतिष्ठित धर्मगुरु से जुड़े संदर्भों के कारण मामला ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। आने वाले समय में इस पोस्टर को लेकर सियासी और सामाजिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो सकती हैं।

https://itreesoftwares.in/filmitics/sanjay-singh-met-avimukteshwarananda-and-launched-a-scathing-attack-on-the-bjp-a-dm-is-baking-bread/

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here