गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। कनवानी गांव के पास झुग्गी बस्ती में लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और 150 से ज्यादा झुग्गियां जलकर खाक हो गईं। इस हादसे में सैकड़ों लोग बेघर हो गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत हाईटेंशन बिजली तारों से निकली चिंगारी के कारण हुई। जिस स्थान पर आग लगी, वहां कबाड़ के निस्तारण और रीसाइक्लिंग का काम होता है, जिससे आग तेजी से फैल गई और आसपास की झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयावह थी कि आसमान में दूर तक काला धुआं दिखाई दिया और इसकी तपिश आसपास के इलाकों में भी महसूस की गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कई लोग अपने बच्चों को बचाते दिखे, तो कुछ अपने घर का सामान समेटने की कोशिश करते रहे।
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इस दौरान छोटे गैस सिलेंडरों में धमाकों की भी सूचना है, जिससे आग और भड़क उठी। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि आग बुझने के बाद भी काफी देर तक धुआं उठता रहा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदार ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति लापता न हो। प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने कनवानी स्थित आर्य पब्लिक स्कूल में राहत शिविर बनाया है, जहां करीब 1,000 लोगों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। वहीं, मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने पुष्टि की है कि आग का कारण हाईटेंशन तारों से निकली चिंगारी ही है।






