पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। Rashtriya Janata Dal ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोलते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक व्यंग्यात्मक पोस्टर जारी किया है। इस पोस्टर के जरिए आरजेडी ने महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है।
दरअसल, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। इसी बीच आरजेडी ने अपने पोस्टर में तंज कसते हुए लिखा, “चाहे रेट 5 रुपये और बढ़ा दीजिए मोदी जी, लेकिन आपके खान-पान में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। 5 राज्यों में चुनाव प्रचार करके आप थक गए होंगे, इसलिए काजू की रोटी के साथ पिस्ता, बादाम और छुहारे का अचार भी चलता रहे।”
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आरजेडी का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश की जनता महंगाई और आर्थिक दबाव से परेशान है, लेकिन सरकार और बीजेपी नेताओं की “शान-ओ-शौकत” में कोई कमी नहीं आने दी जा रही। पोस्ट में आगे लिखा गया कि “काजू की रोटी और आयातित मशरूम की सब्जी जारी रहनी चाहिए”, जिससे पार्टी ने सत्ता पक्ष की जीवनशैली पर कटाक्ष किया।
आरजेडी ने इस पोस्ट में बिहार के मुख्यमंत्री Samrat Choudhary का भी जिक्र किया। पार्टी ने उनके “100 गाड़ियों के काफिले” को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि सरकार जनता की समस्याओं की बजाय दिखावे और प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
इसके अलावा आरजेडी ने अपने बयान में जांच एजेंसियों का भी उल्लेख किया। पार्टी ने Enforcement Directorate, Income Tax Department, Central Bureau of Investigation और Election Commission of India जैसी संस्थाओं का नाम लेते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि सरकार जनता की समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक रणनीति और एजेंसियों के इस्तेमाल में लगी हुई है।
वहीं आरजेडी सांसद Manoj Kumar Jha ने भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा, “ईंधन की कीमतें बढ़ने से हर क्षेत्र प्रभावित होगा। परिवहन महंगा होगा, सामान महंगे होंगे और अंततः आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।”
मनोज झा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार लगातार चुनावी रणनीतियों और राजनीतिक समीकरणों में व्यस्त है, जबकि आम जनता महंगाई से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि लोगों की आय नहीं बढ़ रही, लेकिन खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
फिलहाल ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आने वाले दिनों में महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतें देश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकती हैं।
