लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत और जापान के बीच मजबूत होते संबंधों को सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आर्थिक और तकनीकी साझेदारी का आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारत-जापान संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों से भी जुड़े हैं। बुद्ध की करुणा, जीवन में अनुशासन और ‘मध्य मार्ग’ दोनों देशों की साझा विरासत का हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-जापान साझेदारी ‘शेयर्ड ग्रोथ, शेयर्ड टेक्नोलॉजी और शेयर्ड प्रोस्पेरिटी’ की साझेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश लगातार नीतिगत सुधारों, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल के जरिए देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
UP को देश की ग्रोथ इंजन बनाने पर जोर
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सुरक्षा, स्थिरता और तेज विकास पर फोकस करते हुए राज्य के बजट, जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय को करीब तीन गुना करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी अवधि में महिला वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन में भी तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। राज्य के पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक लागत और गुड गवर्नेंस जैसे कई महत्वपूर्ण फायदे हैं।
एक्सप्रेसवे से मेट्रो तक मजबूत हुआ इंफ्रास्ट्रक्चर
योगी ने उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को निवेशकों के लिए बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि राज्य में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक सिस्टम, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का लगातार विस्तार किया जा रहा है।राज्य में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का करीब 60 फीसदी हिस्सा होने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने 17 एयरपोर्ट, बड़े रेल नेटवर्क, सात शहरों में मेट्रो नेटवर्क और भारत के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का भी उल्लेख किया। इसके अलावा दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, इनलैंड वाटरवे और लॉजिस्टिक हब राज्य को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहे हैं।उन्होंने बताया कि वाराणसी में देश का पहला अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे भी विकसित किया जा रहा है।
96 लाख MSME और 22 हजार से ज्यादा स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक MSME यूनिट, 35 हजार से ज्यादा बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इन क्षमताओं को आधुनिक तकनीक, निवेश और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
जापान और यूपी के रिश्तों में संस्कृति की बड़ी भूमिका
योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान संबंधों को प्राचीन सभ्यतागत विरासत से जोड़ते हुए कहा कि जापान को ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ कहा जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश सूर्यवंश, भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और भगवान बुद्ध की धरती है।उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती और कुशीनगर जैसे विश्वप्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। जापान और उत्तर प्रदेश के बीच बौद्ध विरासत एक मजबूत सांस्कृतिक सेतु का काम कर सकती है।मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के ODOP (One District One Product) मॉडल का भी उल्लेख किया और कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़ा काला नमक चावल भी इस योजना का हिस्सा है।कुल मिलाकर, योगी सरकार उत्तर प्रदेश को जापानी निवेश, आधुनिक तकनीक, औद्योगिक विकास और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य के तौर पर पेश करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।