इटावा में डबल मर्डर के आरोपी की एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारी और वायरल पुलिस वीडियो को लेकर सियासत तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस और सरकार पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस ने वीडियो को साक्ष्य रिकॉर्डिंग बताया।
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र में डबल मर्डर के आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, वीडियो को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 17 अगस्त को भरथना थाना क्षेत्र में 38 वर्षीय निर्मला और उनकी 60 वर्षीय मां पुष्पा देवी की गला काटकर हत्या कर दी गई थी, मामले की जांच के लिए गठित पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान आरोपी मुकेश यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, पुलिस के मुताबिक, आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी थी, गिरफ्तारी के बाद मौके पर ही थानाध्यक्ष विक्रम सिंह ने आरोपी से पूछताछ की और कथित तौर पर बरामद सामान के संबंध में जानकारी ली। इसी दौरान रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो पर उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, कुछ लोगों ने इसे पुलिस कार्रवाई की सामान्य रिकॉर्डिंग बताया, जबकि कुछ ने वीडियो के तरीके पर सवाल उठाए, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो को साक्ष्य के तौर पर रिकॉर्ड किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मौके पर की गई पूछताछ और बरामदगी की रिकॉर्डिंग जांच का हिस्सा थी और इसे किसी तरह की शूटिंग या दिखावे के तौर पर नहीं किया गया।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
वायरल वीडियो को लेकर अखिलेश यादव ने यूपी सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपराधी का पकड़ा जाना सराहनीय है, लेकिन पुलिस का स्वांग रचकर झूठ को सच दिखाने का नाटक बेहद घातक है, अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मी ऐसी गतिविधियों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए पूछा, “उप्र में कोई गृहमंत्री है क्या?”
इटावा का यह मामला अब पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, एक तरफ पुलिस वीडियो को जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है, वहीं अखिलेश यादव ने वीडियो के आधार पर पुलिस की कार्यशैली और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, मामले में वायरल वीडियो की वास्तविक परिस्थितियों और पुलिस कार्रवाई को लेकर आगे की जांच तथा आधिकारिक जानकारी पर नजर बनी हुई है।