लखनऊ, 19 अगस्त। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की डिजिटल शिक्षा पहल को लगातार विस्तार मिल रहा है। दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के 27.01 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं, जो देश के कुल पंजीकृत दीक्षा उपयोगकर्ताओं का करीब 12 प्रतिशत है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ता दीक्षा से जुड़े रहे, जबकि इसी दौरान 49,789 नए उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म से जुड़े।
डिजिटल शिक्षा को स्कूलों और विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश ने दीक्षा पर 16 हजार से अधिक क्यूआरलिंक्ड शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए हैं। पाठ्य पुस्तकों में दिए क्यूआर कोड को स्कैन कर शिक्षक और विद्यार्थी संबंधित विषय की डिजिटल सामग्री तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
इसके अलावा गेम आधारित आकलन, प्री-लोडेड स्मार्ट क्लास सामग्री और बहुभाषी पाठ्य सामग्री को भी डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे शिक्षकों को पढ़ाने के लिए अतिरिक्त डिजिटल संसाधन और विद्यार्थियों को विषयों को आसानी से समझने का अवसर मिल रहा है।
डिजिटल शिक्षा को अधिक समावेशी बनाने के लिए दीक्षा पर भारतीय सांकेतिक भाषा में सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। इसके जरिए विशेष जरूरत वाले बच्चों तक भी डिजिटल शिक्षण संसाधनों की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, दीक्षा पॉकेट बुकलेट जैसे प्रयासों से स्कूल स्तर पर डिजिटल संसाधनों के उपयोग को और सरल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वर्ष 2025-26 में रोजाना औसतन 17,597 सक्रिय उपयोगकर्ताओं की मौजूदगी और 49,789 नए उपयोगकर्ताओं का जुड़ना यूपी में डिजिटल शिक्षा के बढ़ते दायरे को दर्शाता है। सरकार का जोर डिजिटल संसाधनों को केवल तकनीकी सुविधा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें शिक्षक और विद्यार्थी के नियमित शिक्षण-अधिगम का हिस्सा बनाने पर है।
क्यूआरलिंक्ड वीडियो, स्मार्ट क्लास सामग्री, गेम आधारित आकलन, बहुभाषी कंटेंट और भारतीय सांकेतिक भाषा की सामग्री के जरिए डिजिटल शिक्षा को अधिक सहज, प्रभावी और समावेशी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, संदीप सिंह ने कहा कि दीक्षा के माध्यम से डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर बच्चे और शिक्षक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। लाखों उपयोगकर्ताओं की भागीदारी डिजिटल शिक्षा की बढ़ती पहुंच को दर्शाती है और सरकार का लक्ष्य तकनीक के माध्यम से बच्चों की सीख को और बेहतर बनाना है।