गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा का पानी करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए 60.450 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के कारण कई गंगा घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है, जबकि नदी किनारे बसे गांवों में संभावित बाढ़ को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
गंगा घाटों की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सीधा असर जिले के घाटों पर दिखाई देने लगा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूबने लगी हैं और नदी का बहाव भी तेज हुआ है।करीब तीन दिन पहले मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के एक गंगा घाट से लगभग 40 पीपा तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर के कारण बह गए थे। इस घटना के बाद गंगा किनारे रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई है।लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों के लोग संभावित बाढ़ की आशंका को लेकर सतर्क हैं।
प्रशासन ने कहा- फिलहाल स्थिति सामान्य
अपर जिलाधिकारी वेद प्रकाश चौहान ने बताया कि फिलहाल गंगा की स्थिति सामान्य है, लेकिन ऊपर से लगातार पानी आने के कारण जलस्तर में वृद्धि हो रही है।उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है और संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गाजीपुर में 112 बाढ़ चौकियां स्थापित
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में 112 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।प्रशासन का उद्देश्य है कि यदि किसी क्षेत्र में अचानक बाढ़ की स्थिति बनती है तो प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत और बचाव दल पहुंचाया जा सके।
28 शरणालय तैयार, प्रभावित लोगों के लिए व्यवस्था
संभावित बाढ़ को देखते हुए जिले में 28 शरणालय तैयार किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरत पड़ने पर इन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर ठहराने की व्यवस्था की गई है।प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए तीनों समय भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी तैयारी की है।वहीं, जिन क्षेत्रों में बाढ़ का प्रभाव कम रहेगा और लोगों को सीमित परेशानी होगी, वहां प्रभावित परिवारों को राहत किट उपलब्ध कराई जाएगी।
रेवतीपुर के एक दर्जन से ज्यादा गांव संवेदनशील
गाजीपुर में रेवतीपुर ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांव ऐसे क्षेत्रों में शामिल हैं, जहां बाढ़ का असर सबसे पहले पड़ने की आशंका रहती है।इसके अलावा सदर, जमानियां, सेवराई, मोहम्मदाबाद और सैदपुर तहसील के कई इलाके भी बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हो सकते हैं।इन क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है।
बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के बावजूद प्रशासन फिलहाल स्थिति को सामान्य बता रहा है। हालांकि, ऊपर से लगातार पानी आने के कारण जलस्तर में वृद्धि जारी है।ऐसे में प्रशासन ने बाढ़ चौकियों, शरणालयों और राहत व्यवस्था को तैयार रखा है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके।तटवर्ती इलाकों के लोगों को भी नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।