उत्तर प्रदेश के अयोध्या में डॉ. अनिल मिश्रा एक बार फिर धार्मिक गतिविधि में नजर आए। राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद वह पहली बार सार्वजनिक रूप से धार्मिक कार्यक्रम में दिखाई दिए, उन्होंने रामभक्तों के साथ रामकोट की परिक्रमा की और हनुमान चालीसा का पाठ किया, रामकोट की परिक्रमा के दौरान जब डॉ. अनिल मिश्रा राम मंदिर के मुख्य द्वार के समीप पहुंचे तो वहां मौजूद रामभक्तों और लोगों ने उनका स्वागत किया, इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी नजर आए और माहौल भक्तिमय बना रहा।
राम मंदिर के मुख्य द्वार पर हुआ स्वागत
रामकोट की परिक्रमा पूरी करने के बाद डॉ. अनिल मिश्रा राम मंदिर के मुख्य द्वार के पास पहुंचे। यहां लोगों ने उनका स्वागत किया, उनकी सार्वजनिक मौजूदगी के बाद अयोध्या में उनकी भूमिका और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई, इस दौरान श्रद्धालुओं ने उनके साथ धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लिया। डॉ. मिश्रा ने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया।
हनुमानगढ़ी में लिया आशीर्वाद
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डॉ. अनिल मिश्रा ने हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन किए और वरिष्ठ पुजारी रमेश दास से आशीर्वाद लिया। रमेश दास ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ रहने की कामना की उन्होंने कहा कि डॉ. मिश्रा ने रामभक्तों के साथ रामकोट की परिक्रमा की है। उन्होंने भगवान श्रीराम से डॉ. मिश्रा के स्वस्थ रहने की प्रार्थना की, साथ ही अयोध्या में राम मंदिर की व्यवस्थाएं लगातार बेहतर होने की कामना जताई, रमेश दास ने यह इच्छा भी जाहिर की कि डॉ. अनिल मिश्रा आने वाले समय में दोबारा मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़कर अपनी जिम्मेदारी संभालें।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद दिया था इस्तीफा
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी की घटना के बाद डॉ. अनिल मिश्रा ने चंपत राय के साथ अपने पद से इस्तीफा दिया था, मामले की जांच के दौरान उनकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे और विभिन्न आरोप सामने आए थे, इसके बाद एसआईटी ने अयोध्या में कई लोगों से पूछताछ की और मामले की जांच आगे बढ़ाई, मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा और विपक्ष ने इसे लेकर मंदिर ट्रस्ट के साथ-साथ प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी सवाल उठाए।
एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी
एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट मिलने के बाद डॉ. अनिल मिश्रा का इस तरह सार्वजनिक रूप से धार्मिक गतिविधि में नजर आना अहम माना जा रहा है, रामभक्तों के साथ उनकी रामकोट परिक्रमा और हनुमान चालीसा पाठ के दौरान लोगों की मौजूदगी ने अयोध्या में इस घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया, फिलहाल उनकी अगली भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हनुमानगढ़ी के वरिष्ठ पुजारी की ओर से उन्हें दोबारा मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़ने की इच्छा जताई गई है।