राजगीर: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार की राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। राजगीर में आयोजित पार्टी के तीन दिवसीय शिविर के दौरान राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। शिविर के समापन के बाद मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 65 फीसदी आरक्षण नीति, जातीय सर्वे और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में जातीय सर्वे के आंकड़ों के आधार पर तत्कालीन नीतीश कुमार सरकार ने आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 65 फीसदी करने का फैसला लिया था। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के चलते यह फैसला लागू नहीं हो सका। अब राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है।
65 फीसदी आरक्षण के फैसले को आगे बढ़ाने की तैयारी
कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने जातीय सर्वे के आंकड़ों के आधार पर बिहार में 65 फीसदी आरक्षण लागू करने का निर्णय लिया था। लेकिन मामला अदालत पहुंच गया और इस पर रोक लग गई। उनके मुताबिक, फैसला भले ही उस समय लागू नहीं हो सका, लेकिन सामाजिक न्याय की दिशा में इसे आगे बढ़ाना जरूरी है।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस बात की कोशिश करेगी कि नीतीश कुमार के उस फैसले को किस तरह कानूनी और संवैधानिक रास्ते से आगे बढ़ाया जा सकता है। कुशवाहा के इस बयान को बिहार की मौजूदा आरक्षण राजनीति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जंतर-मंतर पर आरक्षण विरोधी आंदोलन के बीच बयान
कुशवाहा का बयान ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन की राजनीति भी चर्चा में है। ऐसे में बिहार में 65 फीसदी आरक्षण के मुद्दे को आगे बढ़ाने का ऐलान आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।
नीतीश की विरासत पर बयान को लेकर दी सफाई
राजगीर में कुशवाहा ने नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर दिए अपने पुराने बयान पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। कुशवाहा के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ यह सवाल उठाया था कि जनता दल यूनाइटेड यानी JDU में नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे कौन बढ़ाएगा।
उन्होंने कहा कि JDU के भीतर भी इस बात को लेकर चिंता है कि भविष्य में पार्टी का नेतृत्व और राजनीतिक विरासत किस दिशा में जाएगी। कुशवाहा ने कहा कि उनकी भूमिका भी JDU को आगे बढ़ाने में रही है और इसी भावना से उन्होंने यह मुद्दा उठाया था।
निशांत कुमार को लेकर क्या बोले कुशवाहा?
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी उपेंद्र कुशवाहा ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि निशांत को उनका आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने निशांत की तुलना अपने बेटे दीपक प्रकाश से करते हुए कहा कि दोनों के बीच उनके लिए कोई अंतर नहीं है।कुशवाहा ने संकेत दिया कि आने वाले समय में युवा चेहरों की राजनीतिक भूमिका बढ़ सकती है। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व और भविष्य की सियासी दिशा से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिहार की राजनीति में बढ़ेगी आरक्षण और विरासत की बहस
राजगीर शिविर से निकले उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने बिहार की राजनीति में दो महत्वपूर्ण मुद्दों को एक साथ सामने ला दिया है—65 फीसदी आरक्षण और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत। आने वाले समय में राष्ट्रीय लोक मोर्चा इन मुद्दों को किस तरह राजनीतिक एजेंडे के रूप में आगे बढ़ाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
