लखनऊ, 26 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की महिलाओं और बेटियों को कई बड़ी सौगातें दीं। बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ किया। इसके तहत 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक महिला और उनके एक सहयात्री को भी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब ‘चूल्हे से चेक, चेक से कारोबार और कारोबार से टेक्नोलॉजी’ तक का सफर तय कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब साढ़े 12 करोड़ की आधी आबादी है। सरकार की नीति है कि हर बेटी, बहन और मां खुद को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करे। बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और सपनों की उड़ान तक सरकार ने योजनाओं को एक व्यापक इकोसिस्टम से जोड़ा है। मुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को महिला स्वावलंबन और सुशासन की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि उनके नाम पर प्रदेश के 12 प्रमुख शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक हॉस्टल में 500 कामकाजी महिलाओं के निःशुल्क रहने की व्यवस्था होगी।
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में महिला कार्यबल की भागीदारी महज 12 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 36 फीसदी हो गई है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 फीसदी तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि आज बेटियां नाइट शिफ्ट में भी बेफिक्र होकर काम कर रही हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 और 112 के इंटीग्रेटेड रिस्पांस सिस्टम समेत अन्य व्यवस्थाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी की सुरक्षा किस्मत पर नहीं, बल्कि सिस्टम, डेटा और टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या 45 हजार हो चुकी है। पुलिस भर्ती में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य की गई है। करीब 32 हजार की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेश के पुलिस बल में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला बीट पुलिस की तैनाती की गई है। लखनऊ में उदा देवी, गोरखपुर में झलकारी बाई और बदायूं में अवंती बाई के नाम से तीन महिला पीएसी बटालियन भी स्थापित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्ज्वला योजना, हर घर शौचालय, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास और डीबीटी जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को बेटी के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा से जोड़ा गया है। सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटी की शादी के लिए सरकार एक लाख रुपये उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ से अधिक महिलाओं को उनके मकान का मालिकाना अधिकार घरौनी के माध्यम से दिया गया है। वहीं 65 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के माध्यम से माताओं और बच्चों के पोषण पर भी जोर दिया जा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि 8,000 न्याय पंचायतों में तैयार होने वाले डिजिटल इंटरप्रेन्योर में आधी संख्या महिलाओं की होगी। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं खेती, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, रिटेल और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। बीसी सखी गांव-गांव बैंकिंग सेवाएं पहुंचा रही हैं, जबकि नमो ड्रोन दीदी कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 31 जिलों में बलिनी-काशी, सामर्थ्य, सृजिनी और बाबा गोरखनाथ मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी जैसी संस्थाओं से जुड़ी चार लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ओडीओपी, एमएसएमई और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल चैरिटी नहीं, बल्कि आर्थिक एकीकरण का हिस्सा है। महिलाओं को उत्पाद बनाने के साथ-साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और डिजिटल कॉमर्स से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्वावलंबन तभी पूरा होगा, जब महिलाएं उत्पाद बनाने के साथ फैसले लेने वाली मेज पर भी बैठेंगी।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले सुरक्षा, शिक्षा, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं में बिचौलियों और कमीशनखोरी का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि उस दौर में बेटियां सुरक्षा के अभाव में सपने देखने से भी डरती थीं। सीएम ने कहा कि सरकार ने माफिया और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई कर कानून-व्यवस्था को मजबूत किया। अब प्रदेश में उपद्रव की जगह उत्सव और असुरक्षा की जगह सुरक्षित माहौल बनाने पर जोर है।
