गोरखपुर के माथाबारी गांव में गुरुवार को एक प्रेरणादायी और आत्मीय माहौल देखने को मिला, जब भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने ग्रामीण विद्यार्थियों और जनसमुदाय से संवाद किया। उन्होंने बच्चों को बड़े सपने देखने, लक्ष्य निर्धारित करने और कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया।एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र और सरस्वती गुरुकुल का भ्रमण किया।
इस दौरान 50 से अधिक गांवों से आए विद्यार्थियों और ग्रामीणों से उन्होंने सीधे संवाद किया। ग्रामीण बालिकाओं को डिजिटल संसाधनों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का भी उद्घाटन किया गया। यह केंद्र बेटियों को पुस्तकों और तकनीकी संसाधनों से जोड़कर उनके आत्मविश्वास, ज्ञान और प्रतिभा को नई दिशा देने की पहल है।विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वायु सेना प्रमुख ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं है, बल्कि मजबूत चरित्र, अनुशासन, जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों का निर्माण भी है।

उन्होंने युवाओं से अपनी भारतीय पहचान पर गर्व करने और तकनीकी दक्षता के साथ संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि एक सपना, एक लक्ष्य, एक प्रतिबद्धता और एक उद्देश्यपूर्ण जीवन को अपना मंत्र बनाएं। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य से विचलित हुए बिना निरंतर प्रयास ही सफलता का रास्ता तैयार करता है।
सरस्वती गुरुकुल के विद्यार्थियों ने शिक्षा, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और भविष्य से जुड़े सवाल पूछे। वायु सेना प्रमुख ने सहज और रोचक अंदाज में उनके सवालों के जवाब दिए। उनका यह संवाद बच्चों के लिए न सिर्फ ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा भी जगाता नजर आया।कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन को समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक बनाने का आह्वान किया।
वहीं रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र की शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी पहलों की सराहना की गई।इस अवसर पर गोरखपुर मंडल के कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी पुलिस राम कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।माथाबारी गांव का यह आयोजन महज एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए सपनों को लक्ष्य में और लक्ष्य को उपलब्धि में बदलने का संदेश बनकर सामने आया। संदेश स्पष्ट है—बड़ा सपना देखिए, लक्ष्य तय कीजिए, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़िए और अपने ज्ञान एवं प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण से जोड़िए।
