बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में Economic Offences Unit ने जमुई में तैनात कार्यपालक अभियंता Gopal Kumar के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज होने के बाद ईओयू की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की, जिससे विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, ईओयू को शुरुआती जांच में गोपाल कुमार के खिलाफ अवैध संपत्ति जुटाने के कई अहम सबूत मिले थे। जांच एजेंसी का दावा है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर मामला दर्ज कर विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से सर्च वारंट प्राप्त किया गया। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद अलग-अलग टीमों का गठन किया गया और शनिवार सुबह एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की गई।ईओयू के अनुसार, गोपाल कुमार पर करीब 2 करोड़ 1 लाख 60 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति जुटाने का आरोप है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह राशि उनकी ज्ञात वैध आय से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है। इसी वजह से उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
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फिलहाल ईओयू की टीमें चार अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। इनमें पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित ‘जगत विला अपार्टमेंट’ का फ्लैट, कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर में मौजूद निजी मकान, जमुई में केकेएम कॉलेज के पास स्थित किराए का आवास और झाझा स्थित सरकारी कार्यालय शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी जमीन से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की डिटेल, लॉकर, निवेश संबंधी रिकॉर्ड, नकदी और सोने-चांदी से जुड़े कागजात खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध संपत्ति कहां-कहां निवेश की गई है।
इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए Manavjit Singh Dhillon ने बताया कि सभी ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि छापेमारी पूरी होने के बाद बरामद संपत्तियों और जांच में सामने आए तथ्यों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
बिहार सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल के वर्षों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच और छापेमारी की गई है। ऐसे में गोपाल कुमार के खिलाफ हुई यह कार्रवाई भी सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है तथा संपत्ति से जुड़े कई नए खुलासे भी सामने आ सकते हैं।





