धर्मनगरी वृन्दावन के प्रसिद्ध केशीघाट पर मंगलवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यमुना स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब रहे छह श्रद्धालुओं को नाविकों ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। नाविकों की तत्परता से सभी श्रद्धालुओं की जान बच गई और घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान के जोधपुर से आए श्रद्धालु केशव और जगदीश मंगलवार सुबह केशीघाट पर यमुना स्नान कर रहे थे। इसी दौरान दोनों श्रद्धालु स्नान करते-करते निर्धारित सीमा से आगे बढ़ गए और गहरे पानी में पहुंचकर डूबने लगे। श्रद्धालुओं को डूबता देख घाट पर मौजूद नाविक तुरंत हरकत में आए और बिना समय गंवाए यमुना में छलांग लगा दी।
नाविकों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद घाट पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने नाविकों की बहादुरी और सतर्कता की जमकर सराहना की। बताया गया कि नगर निगम द्वारा घाट पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कराई गई है, लेकिन निगरानी के अभाव में कई श्रद्धालु निर्धारित सीमा से आगे बढ़कर स्नान करने लगते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है।
नाविक बलबीर निषाद ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी चार अन्य श्रद्धालु यमुना में डूबने लगे थे, जिन्हें नाविकों ने नाव के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला था। इस तरह मंगलवार को कुल छह लोगों की जान बचाई गई। घटना के बाद घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।






