पटना में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती की तैयारी
पटना में दो बड़े कोचिंग संचालकों के बीच चल रहे विवाद के बाद बिहार सरकार ने सख्त रुख अपनाया है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम
सरकार की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार अब सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों का पूरा विवरण संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल और कॉलेज के समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं किया जाएगा, यह नियम केवल उन छात्रों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने अपनी नियमित स्कूली या कॉलेज शिक्षा पूरी कर ली है, शिक्षा विभाग को इस संबंध में विस्तृत नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया गया है
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा “शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना हमारी प्रतिबद्धता है,” सरकार का यह कदम हाल ही में पटना में सामने आए कोचिंग संस्थानों के विवाद के बाद बेहद अहम माना जा रहा है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला दो कोचिंग संस्थानों के बीच “सिपाही भर्ती रिजल्ट” के क्रेडिट को लेकर शुरू हुआ था, इसके बाद विवाद बढ़ता चला गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई, घटना 2 जून की रात की बताई जा रही है, जब एक कोचिंग सेंटर के बाहर गार्ड के साथ मारपीट और फायरिंग की घटना भी सामने आई, इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद फिलहाल जेल में हैं हालांकि, खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लग चुकी है ।
इसके अलावा पुलिस की ओर से एक एफआईआर दर्ज की गई, खान सर के स्टाफ की ओर से भी अलग एफआईआर दर्ज कराई गई, हाल ही में रौशन आनंद की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी, पटना कोचिंग विवाद ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, सरकार के नए निर्देशों के बाद अब कोचिंग संस्थानों पर निगरानी और सख्ती बढ़ने की संभावना है।






